मेरठ(हि.स.)। मेरठ में इंटरनेट मीडिया पर भारत बंद का प्रचार अफवाह साबित हुआ। पुलिस प्रशासन की सख्ती और सतर्कता से मेरठ में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई। इस दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे।
10 जून को भारत बंद की बात इंटरनेट मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के बीच वायरल हो रही थी। पुलिस प्रशासन ने इसे लेकर मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों को बुलाकर साफ संदेश दे दिया था कि जुमे की नमाज के दौरान और बाद में कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस प्रशासन की मंशा को भांप कर ही शहर काजी जैनुस साजिद्दीन ने भी भारत बंद जैसी किसी भी बात से इनकार कर दिया। शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने मस्जिदों के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी और ड्रोन से मुस्लिम इलाकों में छतों की निगरानी की। कोतवाली क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद, हापुड़ अड्डा स्थित इमलियान आदि मस्जिदों में शांतिपूर्वक जुमे की नमाज अदा हुई।
विरोध प्रदर्शन की आशंका पर तैनात रही पुलिस
कानपुर हिंसा के बाद से ही मेरठ के पुलिस प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरती। शुक्रवार को मुस्लिमों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की आशंका पर पुलिस फोर्स चौकस थी। जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पहले ही मुस्लिम धर्मगुरुओं की बैठक लेकर अपना इरादा साफ जाहिर कर दिया था। पुलिस प्रशासन के सख्त रूख को देखते हुए मेरठ में कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट अजय भट्ट और सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने शाही जामा मस्जिद पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। सीओ कोतवाली ने बताया कि भारत बंद की अफवाह को लेकर पूरी सतर्कता बरती गई।
मस्जिदों के आसपास बंद रही दुकानें
माहौल गर्म देखकर शुक्रवार को जामा मस्जिद, इमलियान मस्जिद आदि मस्जिदों के आसपास की दुकानें बंद रही। खासकर हिन्दु समाज के लोगों ने किसी भी संभावित बवाल की आशंका पर अपनी दुकानें बंद रखी। आईजी प्रवीण कुमार, डीएम दीपक मीणा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी लगातार स्थिति का जायजा लेते रहे।
कुलदीप
