-हिस्ट्रीशीटर पर पहले भी दर्जनों गंभीर मुकदमें दर्ज हैं
वाराणसी(हि.स.)। पुलिस के चौतरफा घेराबंदी से घबराकर सूदखोरी मामले में वांछित गैंगेस्टर रमेश राय उर्फ मटरू ने बुधवार को एसीजेएम प्रथम विश्वजीत सिंह की अदालत में सरेंडर कर दिया। आरोपी सूदखोर को पुलिस काफी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। आरोपी ने अपने अधिवक्ता अनुज यादव,विकास सिंह और मनीष रॉय के सहयोग से आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इस दौरान गैंगस्टर मटरू ने कहा कि वह निर्दोष है। उसे पुराने ऑडियो के आधार पर फंसाया गया है । वह अब बिहार में रहता है। उसका इस मुकदमे से कोई लेना -देना नहीं है। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि मटरू राय पर पहले से ही दर्जनों गंभीर मुकदमे दर्ज हैं । हिस्ट्रीशीटर मटरू राय ने पुलिस के चौतरफा दबाव से घबराकर न्यायालय में सरेंडर कर दिया। उन्होंने बताया कि वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस लगातार पेशेवर अपराधियों एवं माफिया तत्वों के खिलाफ कठोर अभियान चला रही है ।
चेतगंज हबीबपुरा निवासी व्यापारी रवींद्र जायसवाल ने बीते शनिवार को पुलिस कमिश्नर से फरियाद की थी। व्यापारी ने बताया था कि वर्ष 2007 में उसे पैसे की जरूरत पड़ी थी। उसने ब्याज पर पैसा देने वाले काशी सिंह से 7 लाख रुपए उधार लिए थे। काशी सिंह ने सिक्योरिटी के तौर पर कई चेक पर गवाहों की मौजूदगी में दस्तखत कराया था। तब से लेकर अब तक काशी सिंह और रमेश राय उर्फ मटरू उनसे 70 लाख रुपए वसूल चुके हैं। रवींद्र ने कहा कि उन्होंने काशी सिंह को जो चेक दिए थे, उसे मांगने पर कहा जाता है कि 35 लाख रुपए दो या अपनी दुकान हमारे नाम करो। व्यापारी ने आरोप लगाया कि अप्रैल में उसे हथुआ मार्केट में दो बार काशी सिंह और रमेश राय उर्फ मटरू ने बुलाया। दोनों ने उनसे सादे स्टांप पेपर पर दस्तखत कराए और कहा कि 35 लाख रुपए नहीं मिले, तो अपनी हत्या तय समझो। इसके बाद भी दोनों कभी नदेसर तो कभी किसी अन्य स्थान पर धमकाते रहे। डरकर उसने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश के निर्देश पर चेतगंज थाने में नदेसर निवासी काशी सिंह और रमेश राय उर्फ मटरू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम मटरू के गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी में जुटी हुई थी।
श्रीधर
