कानपुर(हि.स.)। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रविवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सांसद सत्यदेव पचौरी को दिया। सांसद ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि आप की आवाज वहां तक जरूर पहुंचेगी।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष राजा भरत अवस्थी ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों व शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग की गई। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में एनपीएस को हटाकर ओपीएस अर्थात पुरानी पेंशन बहाल की जाए,साथ ही एनपीएस कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ दिया जाए।
परिषद के अध्यक्ष अवस्थी ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों व शिक्षकों जिन्होंने 2005 अप्रैल के बाद सरकारी सेवा में जुड़े हैं, को एनपीएस में रखकर शेयर बाजार आधारित पेंशन सिस्टम लागू किया है जो कर्मचारी शिक्षक विरोधी है। पुरानी पेंशन बुढ़ापे की लाठी है, सहारा है जिसे जनप्रतिनिधि भी प्राप्त कर रहे हैं जो मात्र पांच साल के लिए चुने जाते हैं। कर्मचारी शिक्षक जो 30 से 40 वर्ष सरकारी सेवा में रहते हैं, को पुरानी पेंशन न देना प्राकृतिक अन्याय का द्योतक है। पुरानी पेंशन बहाली का एक ज्ञापन सांसद सत्यदेव पचौरी को सौंपा।
सांसद सत्यदेव पचौरी ने परिषद को आश्वस्त किया कि पुरानी पेंशन बहाली हेतु शीघ्र ही ज्ञापन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दिया जाएगा।
ज्ञापन पत्र सौंपने में प्रमुख रूप से अभय मिश्रा, राम कुमार त्रिपाठी, योगेन्द्र कुमार सिंह, दिलीप सैनी, इं.कोमल सिंह, सुखेन्द्र यादव, अखिलेश द्विवेदी कलेक्ट्रेट, विक्रम शर्मा, बृजेश सुवाडोर, अटल बिहारी, बृजेश कटियार, परवेज आलम, हरीश श्रीवास्तव, आदित्य शुक्ला, समेत सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।
राम बहादुर
