वाशिंगटन/मास्को (हि.स.)। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच बहुप्रतिक्षित वर्चुअल मीटिंग शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बीच यह मीटिंग ऐसे वक्त हो रही है जब पुतिन सरकार यूक्रेन पर हमलावर रुख अपना रही है। वहीं, रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेजनिकोव ने मॉस्को को धमकी देते हुए कहा है कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो वाकई नरसंहार होगा। उन्होंने कहा है कि अगर मॉस्को हमला करता है तो रूसी ताबूत में वापस जाएंगे।
तमाम इंटेलिजेंस इस बात की तरफ इशारा कर रही हैं कि रूस ने यूक्रेन को तीन तरफ से घेरना शुरू कर दिया है और माना जा रहा है कि उसकी सेनाएं किसी भी वक्त इस देश पर हमला कर सकती हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका और नाटो कोशिश कर रहे हैं कि रूस इस मामले पर पीछे हट जाए। अमेरिका ने तो रूस को हमले के नतीजे भुगतने की वॉर्निंग भी दी है।
यूरोपीय संघ की प्रमुख वॉन डेर लेयेन ने कहा कि हम नहीं चाहते कि रूस कोई भी ऐसी कार्रवाई करे जिससे हमें कड़े फैसले लेने पर मजबूर होना पड़े।
जानकारी के अनुसार रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने पर अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध लगा सकता है। अमेरिका इस प्रतिबंध के तहत रूस के सबसे बड़े बैंकों को लक्षित कर सकता है।
वहीं यूक्रेन के रक्षामंत्री ओलेक्सी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मॉस्को के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने की अपील की है। अमेरिका सहित यूरोपीय देशों ने यूक्रेन बॉर्डर पर रूसी सैनिकों के जमावड़े पर सवाल उठाए हैं। पिछले हफ्ते अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि हम हर तरह की अनिश्चित घटनाओं के लिए तैयार हैं। इधर, यूरोपीय यूनियन ने भी यूक्रेन पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने पर रूस को चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका टकराव टालने की कोशिश करेगा। अगर रूस नहीं माना तो उस पर बाइडेन कड़े प्रतिबंध लगा सकते हैं।
रेजनिकोव ने कहा है कि यूक्रेन का आकलन है कि रूस ने बॉर्डर पर 95 हजार सैनिक तैनात किए हैं। हालांकि यूक्रेन की ताकत के कारण अमेरिका का अनुमान है कि रूस यूक्रेन पर आक्रमण करने के लिए 1.75 लाख सैनिकों को जमा कर सकता है। लेकिन हमारे पास 2.5 लाख अधिकारी हैं…हमारी सेना के सदस्य। 2 लाख रिजर्व हैं और 4 लाख दिग्गज। 1.75 लाख सैनिक यूक्रेन का मुकाबला नहीं कर सकते।
जानकारी के अनुसार अमेरिका और नाटो के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि रूसी सेनाएं किसी भी वक्त यूक्रेन पर हमला कर सकती हैं। अमेरिका और नाटो इसका जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। इन्होंने कहा है कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला करता है तो उसे इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। आज बाइडेन रूसी राष्ट्रपति को यह बता भी सकते हैं।
अजीत तिवारी
