11 मई , 1933 को पाकिस्तान के ऐबटाबाद के निकट बफ्फा शहर में जन्मे फिल्म मेकर और राइटर सागर सरहदी का असली नाम गंगा सागर तलवार था। वक्त के साथ सागर सरहदी का रुझान थिएटर की ओर हुआ और वह इप्टा से जुड़ गए। लेकिन फ़िल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले सीमांत प्रांत के साथ अपना ताल्लुक बताने के लिए उन्होंने अपना नाम बदलकर सागर सरहदी रख लिया था। वे उर्दू राइटर थे और उन्होंने कई छोटी कहानियां और प्ले भी लिखे थे। यहीं नहीं सागर सरहदी ने कई हिट हिंदी फिल्मों की शानदार स्क्रिप्ट लिखी ,जिनमें ‘नूरी’, ‘बाजार’, ‘कभी कभी’, ‘सिलसिला’, ‘चांदनी’, ‘दीवाना’ और ‘कहो ना प्यार है’ जैसी शानदार फ़िल्में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने साल 1982 में आई स्मिता पाटिल और नसीरुद्दीन शाह की फिल्म ‘बाजार’ निर्देशित की और साल 1984 में फारुख शेख, नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी की फिल्म ‘लोरी’ को प्रोड्यूस किया था।
22 मार्च,2021 को दिल का दौरा पड़ने से 88 साल की उम्र में सागर सरहदी का निधन हो गया। सागर सरहदी बेशक अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में दिए गए उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।
सुरभि सिन्हा/कुसुम
