Tuesday, April 7, 2026
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पीएम मोदी के बाद दूसरी बार कानपुर के अटल घाट पर हुई गंगा आरती.

– उप मुख्यमंत्री व जल शक्ति मंत्री आरती में हुए शामिल, लेजर लाइटों से झाकियों का लिया आनंद– हरिद्वार और वाराणसी की तर्ज पर रोजाना भव्य आरती की है कार्ययोजना

कानपुर(हि.स.)। औद्योगिक राजधानी कानपुर नगर को धर्म नगरी के बनाने का उसी समय से प्रयास किया जाने लगा था जबसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अटल घाट पर गंगा आरती की थी। करीब ग्यारह महीने बाद पहली बार गंगा आरती कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के साथ जनप्रतिनिधियों और आलाधिकारियों ने भव्य गंगा आरती को आयोजन किया था। इसके बाद दूसरी बार गुरुवार को भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, जल शक्ति मंत्री डा. महेन्द्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहें। 
हरिद्वार और काशी में होने वाली गंगा आरती को देखने के लिए पूरी दुनिया से लोग आते हैं। अब कानपुर नगर जनपद के अटल घाट पर भी इसी तर्ज पर प्रतिदिन गंगा आरती आयोजित होगी। इसकी शुरुआत पिछले वर्ष दिसम्बर माह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। इसके बाद तय हुआ कि गंगा आरती से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाये। इसी के तहत पिछले वर्ष 27 नवम्बर पहली बार गंगा आरती को भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए और अटल घाट पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के साथ जनप्रतिनिधियों और आलाधिकारियों की मौजूदगी में गंगा आरती का पहला ट्रायल किया गया। 
यहीं पर तय हुआ था कि आगामी छह महीनों में हर माह एक बार गंगा आरती होगी, पर ऐसा नहीं हो सका और दूसरी बार आज उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की मौजूदगी में भव्य गंगा आरती का आयोजन हुआ। पंडित शिवाकांत मिश्रा ने पूरे विधि विधान से गंगा आरती की। गंगा आरती के दौरान यहां लेजर लाइट से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। अटल घाट की मनोहारी छटा हर किसी को लुभा रही थी। गीत संगीत के बीच हुए लेजर लाइट शो में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिठूर महर्षि वाल्मीकि और गंगा की वजह से जाना जाता है। बह्मखूटी बिठूर में है, जिसकी वजह से बिठूर विश्व में प्रसिद्ध है। 
अटल घाट पर दिव्य और श्रद्धासुमन के साथ पतित पावनी गंगा की आरती की गई है। बताते चलें कि कानपुर को पर्यटन मानचित्र से जोड़ने के लिए गंगा आरती की कार्ययोजना बनी है। इस योजना के मुताबिक पिछली बार हुई गंगा आरती के बाद अगले छह माह तक एक माह में एक बार आयोजन करना था। इसके बाद आरती का कार्यक्रम प्रत्येक सप्ताह हो और एक साल बाद प्रतिदिन गंगा आरती के कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।
इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, राज्य मंत्री नीलिमा कटियार, अजीत सिंह पाल, विधायक सुरेन्द्र मैथानी, महेश त्रिवेदी, अभिजीत सिंह सांगा, जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, डा. बीना आर्या पटेल, गंगा समग्र के राघवेन्द्र और आलाधिकारी मौजूद रहें।
समय की मांग है जल संरक्षण

उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने कहा कि मां गंगा केवल नदी नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। हरिद्वार, ऋषिकेश और काशी में जिस तरह मां गंगा की आरती के भव्य और दिव्य स्वरुप के दर्शन दुनिया में होते हैं, ठीक उसी तरह से अब कानपुर में भी मां गंगा की आरती होगी तो कानपुर भी इस सूची में अपना स्थान दर्ज करायेगा। आगे कहा कि जल का संरक्षण समय की मांग है, जल ही जीवन है, जल ही शांति है और जल ही भविष्य है, लिहाजा पानी की हर बूंद बचाना जरुरी है। 
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से जल संरक्षण के साथ ही शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। हमने खेत ताल योजना शुरु की है। बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए हर घर नल योजना शुरु हो चुकी है। हमारा प्रयास है कि खेत का पानी खेत में और छत का पानी धरती की कोख में जाये।

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