Sunday, March 8, 2026
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पीएमएलए में संशोधन को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विपक्ष ने जताई आशंका

नई दिल्ली (हि.स.)। विपक्षी दलों ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) में संशोधन को बरकरार रखने और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित केंद्रीय एजेंसियों को और अधिक अधिकार देने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर अपनी आशंका व्यक्त की है।

विपक्ष ने आशंका जताई है कि इन दूरगामी प्रभाव रखने वाले संशोधनों से राजनीतिक प्रतिशोध में काम करने वाली अब तक की सबसे खराब सरकार के हाथ और अधिक मजबूत हुए हैं। इससे वे राजनीतिक विरोधियों को गलत और दुर्भावनापूर्ण तरीके से निशाना बनाएगी और मनी लॉन्ड्रिंग और जांच एजेंसियों से संबंधित संशोधित कानूनों का उपयोग करेगी।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 18 लोगों के हस्ताक्षर वाले संयुक्त बयान की कॉपी शेयर करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित 17 विपक्षी दलों के साथ एक स्वतंत्र राज्यसभा सांसद ने पीएमएलए, 2002 में संशोधन को बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के दीर्घकालिक प्रभाव पर गहरी आशंका व्यक्त करते हुए एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए हैं और इसकी समीक्षा का आह्वान किया है।

साझा बयान में कहा गया है कि हम धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 में संशोधनों को संपूर्ण रूप से बरकरार रखने वाले उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के दीर्घकालिक प्रभावों पर अपनी गहरी आशंका को दर्ज कराते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच नहीं कि क्या इनमें से कुछ संशोधन वित्त अधिनियम के माध्यम से अधिनियमित किए जा सकते थे। यदि कल सुप्रीम कोर्ट यह मानता है कि वित्त अधिनियम के माध्यम से चुनौती वाले संशोधन कानून में खराब हैं, तो पूरी कवायद व्यर्थ हो जाएगी और न्यायिक समय की हानि होगी।

इसमें आगे कहा गया है कि हम सर्वोच्च न्यायालय के प्रति सर्वोच्च सम्मान में रखते हैं और हमेशा रखेंगे। फिर भी हम यह ध्यान दिलाने को मजबूर हैं कि निर्णय को संशोधन करने के लिए वित्त अधिनियम मार्ग की संवैधानिकता की जांच के लिए एक बड़ी पीठ के फैसले का इंतजार करना चाहिए था।

27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल की गिरफ्तारी, संपत्ति की कुर्की, तलाशी और जब्ती से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शक्तियों को बरकरार रखा था। इसे कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने चुनौती दी थी।

अनूप

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