Friday, January 16, 2026
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पार्किंसंस एक तंत्रिका से जुड़ी बीमारी, बीएचयू में अनुसंधान की ज़रूरत : प्रो अनिल त्रिपाठी

—विश्व पार्किंसंस दिवस की पूर्व संध्या पर व्याख्यानमाला, मरीजों और तीमारदारों को बताया गया लक्षण

वाराणसी (हि.स.)। विश्व पार्किंसंस दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के आईएमएस न्यूरोलॉजी विभाग और विज्ञान संस्थान के बॉयोकेमेस्ट्री विभाग के तत्वावधान में न्यूरोलॉजी व्याख्यान कक्ष में जुटे विशेषज्ञों ने मरीजों और तीमारदारों को रोग का लक्षण और बचाव के उपाय भी बताया। मुख्य अतिथि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पार्किंसंस एक तंत्रिका से जुड़ी बीमारी है। जिसमें शरीर में कंपन की समस्या पैदा हो जाती है। बाद के दिनों में मरीज को भूलने की बीमारी होती है।

उन्होंने कहा यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि विज्ञान संस्थान और आईएमएस के लोगों को एकजुट होकर इस पर काम करने की आवश्यकता है। यदि सभी के शोध मिलकर काम करें तो हम बेहतर कर सकते हैं और मरीजों को फायदा होगा। बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो सूर्या सिंह ने पार्किंसंस पर रिसर्च के नए आयामों पर चर्चा किया। उन्होंने भारतीय चिकित्सा पद्धति में आयुर्वेदिक दवाइयों से पार्किंसंस के इलाज पर जोर दिया।

सहायक प्रो. अभिषेक पाठक ने कहा कि पार्किंसंस डिजीज एक ऐसी बीमारी है। जिसमें पहले हम दवा से कंट्रोल करने की कोशिश तो करते हैं। मगर कई बार यह दवा से कंट्रोल नहीं हो पाता, और बाद में इसके लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है। प्रो. आर.एन. चौरसिया ने कहा कि पर्किंसंस रोग नर्वस सिस्टम में धीरे-धीरे बढ़ने वाला एक डिसऑर्डर है, जिससे पूरे शरीर की गतिविधि प्रभावित होती है। इसके लक्षणों में कंपकंपी, धीमी गतिविधि, सख्त मांसपेशियां, शरीर की असाधारण मुद्रा और संतुलन, स्वाभाविक गतिविधियों पर विराम, बोली में बदलाव, लिखावट में बदलाव आदि शामिल हैं। सभी रोगियों में इसके लक्षण अलग-अलग नजर आते हैं। प्रो. दीपिका जोशी,डॉ वरुण कुमार सिंह ने भी विषय पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. विजयनाथ मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सूर्या सिंह ने किया। व्याख्यान माला में जूनियर रेसिडेंस आनंद शास्त्री, मधुसूदन, फवास, विस्मय, पीएचडी छात्रा निधि चंद्रा, विनीता सिंह, भार्गवी मिश्रा, प्रिया देव, अपर्णा खत्री, प्रियंका गौतम आदि ने भी सहभाग किया।

श्रीधर

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