Monday, April 13, 2026
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पान की खेती करने पर मिलेगा 75 हजार का अनुदान : डॉ चौधरी

-खुसरोबाग में पान की खेती पर दो दिवसीय सेमिनार

प्रयागराज (हि.स.)। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग में गुरूवार को दो दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन उप निदेशक उद्यान प्रयागराज मंडल डॉ कृष्ण मोहन चौधरी ने किया। उन्होंने बताया कि 1500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पान बरेजा निर्माण करने एवं पान की खेती करने पर उद्यान विभाग द्वारा 75 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर पान की खेती करने वाले कृषकों को तकनीकी जानकारी देते हुए डॉ रामसेवक चौरसिया पूर्व प्रधान वैज्ञानिक सीएसआईआर लखनऊ ने बताया कि पान का बरेजा बनाते समय भूमि उपचार एवं पान की बेल का उपचार मैनकोजेब दवा 3 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 25 दिनों के अंतराल पर पान की क्यारियों पर छिड़काव करना चाहिए। इसके अलावा प्रभावित पौधे और पत्तियों को तोड़कर एकत्र करके बरेजा से बाहर मिट्टी में दबा देना चाहिए। अक्टूबर में वर्षा समाप्त होने के बाद हल्की गुड़ाई करके मिट्टी को खोलकर हवा लगने दें जिससे रोग का प्रकोप भी कम हो जाता है।

कृषि संस्थान प्रसार निदेशालय के वैज्ञानिक डॉ मुकेश पीएम ने पान के रोगों से लड़ने के लिए बोर्डों मिश्रण तैयार करने की विधि किसानों को बताई। उद्यान विज्ञान विभाग कृषि संस्थान नैनी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ अतुल यादव ने पान के प्रसंस्कृत उत्पाद पर चर्चा करते हुए बताया कि पान के सुगंधित तेल का सेवन मुख के सुगंध के साथ-साथ मिष्ठान, पान की बर्फी, पान का लड्डू, पान का बीड़ा, पान का रसगुल्ला, आदि में भी प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा कॉन्फ्रेंसरी आइटम में भी पान के तेल की उपयोगिता बहुत अधिक होती है।

जिला उद्यान अधिकारी नलिन सुंदरम भट्ट ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग के प्रशिक्षण प्रभारी वीके सिंह ने संचालन करते हुए बताया कि सेमिनार के द्वितीय दिवस में किसानों को हंडिया विकासखंड में हो रही पान की खेती का भ्रमण कराया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी कौशाम्बी सुरेंद्र राम भास्कर, जिला उद्यान अधिकारी फतेहपुर श्याम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी प्रतापगढ़ के प्रतिनिधि इंद्रमणि यादव के अलावा बांदा कृषि विश्वविद्यालय के उद्यान विशेषज्ञ डॉ हिमांशु कुमार सिंह ने अपने अनुभवों से किसानों को तकनीकी जानकारी दी।

विद्या कान्त

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