Monday, February 9, 2026
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 पात्रों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाए : केशव प्रसाद मौर्य

-उपमुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा कर दिए निर्देश

-फरवरी में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला करेगा ग्राम्य विकास विभाग

लखनऊ (हि.स.)। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को कालिदास मार्ग स्थिति अपने सरकारी आवास पर ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी राज्यों के ग्राम्य विकास विभाग के मंत्रियों व अधिकारियों की कार्यशाला आगामी फरवरी में आयोजित कर उनके अनुभवों के आधार पर गांव के सम्पूर्ण विकास की ठोस रणनीति तैयार की जाए। गांव का समग्र विकास किया जाये।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि फाइलों से बाहर आकर एक नयी सोच के साथ गांव का चर्तुमुखी विकास करें। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन के गठित समूहों के माध्मय से अच्छा कार्य करें। समूहों में समानता लाते हुए प्रत्येक समूह को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें। आबादी के दृष्टि से गांव का सम्पूर्ण विकास करने हेतु प्रत्येक दशा में पात्र लाभार्थियों को चिन्हित करते हुए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा लागू योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाए।

उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का मूल गांव है। इसलिए पूरी ईमानदारी के साथ गांव का विकास करें। गांव और किसान देश की पहचान हैं। इसलिए इनका विकास कर जन कल्याण में सहभागी बनें। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नये कच्चें मार्गों को शामिल करने का प्रस्ताव ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में आठ लाख 62 हजार 767 आवासों का लक्ष्य प्राप्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सभी जिलों और ब्लाकों को इस योजना से शतप्रतिशत आच्छादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के लाभ से वंचित लोगों का सर्वेक्षण करके पात्र लाभार्थियों की नयी सूची बनाई जाए। उन्होंने सर्वे के उपरान्त पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अन्तर्गत आवास देने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। पात्र लाभार्थियों के चयन की रणनीति के लिए उनकी अध्यक्षता में एक सप्ताह के अंदर मुख्य विकास अधिकारियों, जिला विकास अधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों की बैठक आहूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने लाभार्थियों के सर्वे के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, देवरिया एवं बुलन्दशहर को चयनित करने का निर्देश दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास हिमांशु कुमार, आयुक्त ग्राम्य विकास जीएस प्रियदर्शी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीआरआरडीए भानु चन्द्र गोस्वामी, विशेष सचिव ग्राम्य विकास एनपी पाण्डेय, विशेष सचिव ग्राम्य विकास सुधीन्द्र के साथ ही अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

दिलीप शुक्ल

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