– नरौरा से छोड़ा गया 1,89,888 क्यूसेक पानी, चेतावनी बिन्दु से 19 सेमी दूर
कानपुर (हि.स.)। दक्षिण पश्चिम मानसून की वापसी के बाद सक्रिय हुए चक्रवात से उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखण्ड में तेज बारिश हुई। उत्तराखण्ड में हुई जबरदस्त बारिश का असर कानपुर में गंगा नदी में देखने को मिल रहा है और नरौरा बांध से बराबर पानी छोड़ा जा रहा है। कानपुर में गंगा बैराज के पास गंगा का जलस्तर चेतावनी बिन्दु से महज 19 सेमी दूर रह गया है। गंगा में तेजी से आ रहे पानी को देखते हुए गंगा बैराज के 20 गेट खोल दिये गये हैं और देर शाम तक 10 और गेट खोलने की तैयारी है।
पहाड़ों पर हुई तेज बारिश का असर कानपुर की गंगा नदी पर साफ दिख रहा है। पहाड़ों का पानी गंगा नदी में बराबर आ रहा है और नरौरा में बढ़ रहे पानी को देखते हुए वहां 1,89,888 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। पानी का बढ़ता ग्राफ देख सिंचाई विभाग भी अलर्ट हो गया है और गंगा बैराज में 30 गेट में 20 गेट खोल दिये गये हैं। हालांकि 20 गेट खोलने पर पानी कम हुआ है, लेकिन पीछे से तेजी से आ रहा पानी विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। गंगा बैराज पर 20 गेट खोलने के बाद भी चेतावनी बिन्दु से 19 सेमी दूर गंगा का पानी बना हुआ है। विभाग यह भी देख रहा है कि अधिक गेट खोलने से कहीं शुक्लागंज में गंगा बाढ़ के चेतावनी बिन्दु को पार न कर जाये। इस पर विभाग पैनी नजर रखे हुए है और उसी के अनुरुप गेट खोले जा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पंकज गौतम ने बताया कि गंगा में जलस्तर से निपटने की तैयारी की जा रही है। अभी तक गंगा बैराज के आठ गेट खुले थे और पानी बराबर बढ़ रहा है जिससे फिलहाल 20 गेट खोल दिये गये हैं। जरुरत पड़ी तो देर शाम तक 10 गेट यानी सभी गेट खोल दिये जाएंगे। लेकिन यह देखा जाएगा कि गंगा बैराज में चेतावनी बिन्दु 113 मीटर से कितना नजदीक पानी पहुंच रहा है अभी चेतावनी बिन्दु से 19 सेमी दूर यानी 112.81 मीटर पर पानी बना हुआ है। वहीं शुक्लागंज में चेतावनी 113 मीटर है और अभी गंगा का जलस्तर 110.75 मीटर है।
