कानपुर (हि.स.)। वातावरण में पर्याप्त नमी के साथ बर्फीली हवाओं से कानपुर का पारा ऐसा गिरा कि पहाड़ी शहरों धर्मशाला, शिमला, देहरादून और मसूरी से भी नीचे चला गया। न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस होने से कानपुर के वासी कांप उठे और रजाई में दुबकने को मजबूर हो गये। मौसम विभाग का कहना है कि 2013 के बाद आज का दिन सबसे अधिक ठंडा रहा।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने शनिवार को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ आज की शाम पश्चिमी हिमालय की ओर आ जाएगा। एक और पश्चिमी विक्षोभ 10 जनवरी को जम्मू कश्मीर पहुंचेगा। गुजरात के ऊपर एक एंटीसाइक्लोन देखा गया है। अगले 24 घंटों के दौरान, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात हो सकती है। आठ जनवरी की शाम से बारिश और हिमपात की तीव्रता और फैलाव बढ़ सकता है। भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में घना कोहरा जारी रह सकता है, हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में इसकी तीव्रता कम हो सकती है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में कोल्ड डे की स्थिति संभव है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर और पश्चिम राजस्थान, कानपुर मंडल सहित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति जारी रह सकती है।
डॉ. पांडेय ने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 13.2 और न्यूनतम तापमान 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 97 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 73 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 3.6 किमी प्रति घंटा रही। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में साफ आसमान रहने के कारण वर्षा की कोई संभावना नहीं है तथा प्रातः काल एवं रात्रि के समय शीत लहर/मध्यम से घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं। दिन में बर्फीली हवाएं गलन पैदा करती रहेंगी और दोपहर को हल्की धूप भी निकल सकती है।
अजय सिंह
