Wednesday, April 1, 2026
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पहले भर्ती प्रक्रिया पर उठते थे सवाल, अब प्रतिभा को मिलता है सम्मान : आदित्यनाथ

– राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्यमंत्री ने किया उद्धाटन

लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी के सिग्नेचर बिल्डिंग में राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों के 24वें राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्धाटन किया। योगी ने राज्य की गैर-भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते थे, लेकिन अब प्रतिभा को सम्मान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में उ.प्र. पुलिस विभाग में एक लाख 64 हजार से अधिक पदों को पारदर्शी तरीके से भरा गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जब हमने सूबे की कमान संभाली थी तो उस समय देखने को मिला था कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उच्चतर शिक्षा चयन आयोग और माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग से जुड़ी परीक्षाओं में शिकायतों का अंबार लगा हुआ था। कई भर्ती प्रक्रियाओं में न्यायालय से स्टे चल रहा था। कुछ मामलों में कोर्ट ने गंभीर टिप्पणियां भी कर रखी थीं। उ.प्र. पुलिस में डेढ़ लाख पद खाली पड़े थे क्योंकि इस पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे था।

आदित्यनाथ ने कहा कि इस कार्यक्रम में शिरकत करना मेरे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश के प्रशासन ने विगत 6 वर्षों के अंदर जो कुछ भी किया है उसे आप सभी के माध्यम से देश के कोने-कोने तक पहुंचाना है। एक आदर्श समाज में संघ लोक सेवा आयोग हो या राज्यों के लोक सेवा आयोग हां, इन सभी की बड़ी भूमिका होती है।

पिछले 6 वर्षों में 2 लाख करोड़ पहुंचा एक्सपोर्ट

योगी ने कहा कि उ.प्र. की आबादी 25 करोड़ है, ऐसे में साढ़े पांच लाख सरकारी नौकरी से काम नहीं चलेगा। प्रदेश के कई युवा ऐसे हैं जो सरकारी नौकरी में नहीं जाना चाहते हैं, वह अपने सेक्टर में कुछ नया करना चाहते हैं। इस पर सरकार काम कर रही है। इसी के तहत प्रदेश के 75 जनपदों की मैपिंग कराई गई, जिसमें से 57 जनपदों के यूनीक प्रोडक्ट्स को नई पहचान दिलाई गई। वहीं 18 जनपदों के लिए भी तय किया है कि इन जनपदों के साथ भी कोई न कोई एक प्रोडक्ट जुड़ना चाहिए। ऐसे में वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट कार्य योजना को लागू किया गया, जिससे उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में जहां कुल एक्सपोर्ट 86000 करोड़ था, आज वह लगभग दो लाख करोड़ तक पहुंच गया है।

लॉकडाउन में भी नहीं बंद हुए उद्योग धंधे

योगी ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था से काफी निवेश आया है। 10 से 12 फरवरी को प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। प्रदेश की कानून व्यवस्था के चलते देश और दुनिया का हर नागरिक उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहता है। जल्द ही दस लाख करोड़ की ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कालखंड में लॉकडाउन के समय प्रदेश में सड़कों पर कामगार और श्रमिकों का रेला सभी ने देखा होगा। उस दौरान करीब 40 लाख कामगार और श्रमिक प्रदेश के अंदर आए हुए थे। सभी को सरकार ने प्रदेश में संचालित 96 लाख एमएसएमई यूनिट में समाहित कर दिया।

कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग के वरिष्ठ सदस्य राजीव नयन चौबे, लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, स्टैंडिंग कमेटी ऑफ नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष जॉर्ज, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक राजकुमार विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के साथ ही देशभर के विभिन्न राज्यों के लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष मौजूद रहे।

पीएन द्विवेदी/पवन

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