मेरठ (हि.स.)। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश ने पश्चिम उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। बुधवार सुबह से ही हल्की बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। दोपहर के बाद बारिश के साथ हवा चलने से लोगों को भीषण ठंड का अहसास होने लगा।
मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में 05 जनवरी से बारिश होने की बात कही थी। मंगलवार रात से ही मौसम खराब हो गया और आसमान में बादल छा गए। बुधवार सुबह होते ही पश्चिम उप्र के बागपत, मेरठ, शामली, गाजियाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर आदि जनपदों में बारिश होने लगी। हल्की बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। हालांकि सुबह के समय बारिश के कारण लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली, लेकिन दोपहर बाद बारिश के साथ हवा चलने से तापमान कम होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अगले तीन-चार दिन तक बारिश का मौसम बना रहेगा। इस दौरान हवा चलने से लोगों को सर्दी का अहसास होगा। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष ने बताया कि जनवरी के शुरूआत दिनों से ही पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है। जिसके चलते तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान भी बढ़ा है। इससे कड़ाके की ठंड से लोगों को राहत मिली है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारी बारिश और हिमपात हो सकता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के अलावा पश्चिमी उप्र में बारिश होने के आसार है। उन्होंने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल को लाभ होगा।
कुलदीप
