– उत्तरी पूर्वी हवाओं से वातावरण में बढ़ रही गलन, गिर रहा तापमान
– फरवरी के पहले सप्ताह में कुछ जनपदों में हो सकती है हल्की बारिश
कानपुर (हि.स.)। जम्मू कश्मीर के लद्दाख सहित पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ और बांग्लादेश में सक्रिय चक्रवात से मौसम का मिजाज पूरी तरह से सर्द भरा हो गया। आगामी पांच दिनों तक उत्तरी पूर्वी हवाओं के चलने से उत्तर भारत सहित उत्तर प्रदेश में गलन बरकरार रहेगी। इसके साथ ही कानपुर सहित कुछ जिलों में फरवरी के पहले सप्ताह में हल्की बारिश की भी संभावना बनी हुई है। उत्तर भारत में जनवरी के आखिरी दिनों में भी सर्दी का सितम कम नहीं होने वाला है। उत्तर प्रदेश सहित उत्तरी इलाकों में आगामी पांच दिनों तक ठंड और बढ़ेगी। इसके साथ ही सर्द हवाएं भी लोगों को परेशान करेंगी, क्योंकि जम्मू कश्मीर के लद्दाख सहित पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर और कैस्पियन सागर से नमी लेकर आ रहा है और वायुमंडल की बेहद ऊंचाई पर तूफान के रुप में है। पहाड़ों में टकराने के बाद यह तूफान बर्फबारी के साथ बारिश भी कर रहा है और मैदानी क्षेत्रों में नमी पहुंचती है। वहीं बांग्लादेश के उत्तरी पश्चिमी इलाके में चक्रवात भी सक्रिय है। इन परिस्थितियों में चलने वाली उत्तरी पूर्वी हवाओं से उत्तर भारत सहित उत्तर प्रदेश में गलन भरी सर्दी बरकरार है।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन सुनील पाण्डेय ने शुक्रवार को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के जम्मू-कश्मीर से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने से शुष्क उत्तर-पश्चिमी पवनें जोर पकड़ने लगेंगी। अगले दो से तीन दिन तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और इससे लगे मध्य तथा पश्चिमी भारत के हिस्सों में इनका प्रभाव बना रहेगा। वहीं अगर शीतलहर की बात करें तो अगले आगामी पांच दिनों तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ में शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही घना कोहरा भी वाहन सवारों को परेशान करेगा। उत्तर प्रदेश के करीब 40 जनपदों में शीतलहर का प्रकोप अधिक रहेगा और अलर्ट जारी कर दिया गया है। फरवरी के पहले सप्ताह में कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश हो सकती है। हवा सामान्य से तेज चलेगी, जबकि कोहरे का असर कुछ कम हो जाएगा। बताया कि चित्रकूट, बांदा, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी में अगले दो दिन के दौरान बदली छाई रह सकती है। 31 जनवरी से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से क्रमशः तीन और दो डिग्री सेल्सियस चल रहा है। हवा में नमी की अधिकता से अधिकतम और न्यूनतम आर्द्रता क्रमशः 95 और 78 फीसद दर्ज की गयी।फसलों के लिए संजीवनी बना मौसम
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अधिक सर्द पड़ने से रवी की फसलों के लिए बहुत अच्छा है और इस मौसम से फसल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी। किसान राधेश्याम सिंह ने बताया कि कुछ फसलों को छोड़कर रवी की ज्यादातर फसलों के लिए यह सर्दी संजीवनी से कम नहीं है। उम्मीद संजोकर बैठे हैं कि अबकी बार फसल अच्छी होगी।
