-मुख्य सचिव की अध्यक्षता में धान खरीद की समीक्षा बैठक आयोजित
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने पश्चिमी उप्र के सभी धान क्रय केन्द्रों को तत्काल क्रियाशील करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव मंगलवार को राजधानी लखनऊ में धान खरीद की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि पश्चिमी उप्र के उत्पादक जनपदों में धान खरीद में तेजी लायी जाये, ताकि किसानों को कोई असुविधा न हो। प्रदेश में अब तक कुल 253 मिलों का पंजीकरण हुआ है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि मिल पंजीयन में तेजी लायी जाये, विशेषकर पश्चिमी उप्र के जनपदों में जहाँ खरीद प्रारम्भ है।
यह भी निर्देश दिये कि क्रय केन्द्रों पर खरीद सम्बन्धी समस्त उपकरणों की व्यवस्थायें तथा किसानों को धान सुखाने की सुविधा एवं उनके बैठने और पेयजल की व्यवस्थायें सभी क्रय केन्द्रों पर पूर्ण करायी जायें।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद द्वारा बताया गया कि इस वर्ष खाद्य तथा रसद विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, मण्डी परिषद तथा भारतीय खाद्य निगम को क्रय एजेन्सी के रूप में नामित किया गया है।
कहा कि इस वर्ष प्रदेश में 4000 क्रय केन्द्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक विभिन्न क्रय एजेन्सियों के 2947 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश जहां 01 अक्टूबर से खरीद प्रारम्भ है, वहां 1122 क्रय केन्द्र स्थापित होने थे, जिसके सापेक्ष 1116 क्रय केन्द्र स्थापित हो गये हैं।
अब तक 2,59,698 किसानों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,59,698 किसानों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया है, जिसमें से 102918 किसानों का पंजीकरण सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जा चुका है। पश्चिमी उप्र के जनपद पीलीभीत, शाहजहॉपुर, बरेली, बदायूॅ, मुरादाबाद, रामपुर, सम्भल, अमरोहा, बिजनौर, खीरी, हरदोई, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली व अलीगढ़ जनपद के क्रय केन्द्रों पर खरीद प्रारम्भ हो गयी है।
बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद वीना कुमारी मीना के अलावा प्रमुख सचिव सहकारिता बीएल मीणा, आयुक्त खाद्य तथा रसद, प्रबन्ध निदेशक, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस एवं अपर आयुक्त, खाद्य तथा रसद सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
