मेरठ (हि.स.)। भोला झाल स्थित पनचक्की को ठेकेदारी प्रथा से चलाने के विरोध में गुरुवार को किसानों ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन का घेराव किया। उन्होंने हंगामा करते ठेकेदारी प्रथा को बंद करने की मांग की।
राष्ट्रीय ग्रामीण खेतिहर मजदूर यूनियन के बैनर तले किसानों ने गुरुवार को अपर गंग नहर मेरठ खंड के अधिशासी अभियंता नीरज लांबा के कार्यालय पर घेराव किया। इसके बाद हंगामा करते हुए धरना शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि भोला झाल का निर्माण किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए ब्रिटिश काल में हुआ था। यहां पर पनचक्की लगी हुई है, जिसे सिंचाई विभाग के कर्मचारी चलाते हैं। यहां पर ग्रामीण अपना आटा पिसवाते हैं। अब सिंचाई अधिकारियों ने इस पनचक्की को ठेकेदारों से चलवाना शुरू कर दिया है। इसके बाद से पनचक्की से आटा पिसवाना महंगा हो गया है। इसका सीधा नुकसान ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। किसानों ने सिंचाई अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि जरूरतमंदों के लिए आटा पिसाई निःशुल्क की जाए। किसानों को सिंचाई का पानी निःशुल्क दिया जाए। पनचक्की को ठेकेदार से न चलवाया जाए। माइनरों की तरह पनचक्की को चलाने के लिए भी सोसाइटी बनाई जाए। इससे सुचारू तरह से पनचक्की चलाई जा सकेगी।
सिंचाई अधिकारियों ने उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। इस दौरान भोपाल सिंह, श्यामवीर सिंह, मनवीर सिंह, उमेश कुमार, सत्येंद्र कुमार, संजय सिंह, महेश सिंह आदि उपस्थित रहे।
कुलदीप
