चित्तौड़गढ़ (हि.स.)। देश भर में करीब चार वर्ष पूर्व फिल्म पद्मावत को लेकर हुए विवाद के बाद अब चित्तौड़गढ़ में एक बार फिर इस विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लाइट एंड साउंट शो में रानी पद्मिनी से जुड़े आपत्तिजनक तथ्यों को लेकर मंगलवार को सर्व समाज के लोग सड़कों पर उतर आए।
भारत सरकार की ओर से विश्व प्रसिद्ध दुर्ग स्थित कुंभामहल में पांच करोड़ रुपये खर्च कर 3डी सिस्टम में लगाए गए लाइट एंड साउंड शो के लोकार्पण के समय चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने रानी पद्मिनी पर विवादित तथ्यों को नहीं हटाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए 45 मिनट के शो को 15 मिनट में ही बंद करवा दिया था। वहीं इसी मामले को लेकर मंगलवार को राजपूत समाज के साथ सर्व समाज के लोग खुल कर मैदान में आ गए। सर्व समाज के लोगों ने राजपूत भूपाल छात्रावास से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाल कर कलेक्ट्रेट में जम कर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने और उनका ठहराव चित्तौड़गढ़ में करवाने के लिए दुर्ग के कुंभामहल में लाइट एंड साउंड शो को नई थ्री डी तकनीक के साथ जोड़ कर पांच करोड़ की लागत से एक नए स्वरूप में रूपांतरित किया गया है। उद्घाटन के अवसर पर चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने कार्यक्रम में दिखाए गए रानी पद्मिनी के संदर्भ में तथ्यों को लेकर आपत्ति जाहिर की, जिसमें रानी पद्मिनी को अलाउद्दीन खिलजी द्वारा शीशे में देखने की बात पर पूर्व में भी विवाद हुआ था। वहीं एक बार फिर से इसे लाइट एंड साउंड शो के नए वर्जन में जोड़ दिया गया।
सर्व समाज प्रतिनिधि गौरव त्यागी ने बताया कि सोमवार शाम को शो के लोकार्पण के समय एक बार फिर से वही विवादित तथ्य दिखाए जाने के बाद हम सभी ने इसका विरोध किया था और शो को रोकना पड़ा।
राजपूत समाज के प्रतिनिधि और आपणी विरासत आपणी जिम्मेदारी संस्था के विजयराजसिंह रूद ने बताया कि पहले भी लाइट एंड साउंड शो और फिल्म पद्मावत में मेवाड़ की रानी पद्मिनी के बारे में विवादित तथ्यों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं और एक बार फिर से लाइट एंड साउंड शो के नए वर्जन के लोकार्पण के समय पुराने तथ्यों को नहीं हटाया जाने के विरोध में राजपूत समाज के साथ सर्व समाज के लोग विरोध प्रदर्शन में उतरे हैं।
भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षवर्धनसिंह रूद ने बताया कि जब कार्यक्रम का लोकार्पण सोमवार शाम को किया गया। कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना, जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा और सांसद सीपी जोशी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। कार्यक्रम शुरू होने के कुछ मिनटों के बाद रानी पद्मिनी को लेकर एक बार फिर से पुराने विवादित तथ्य पेश किए जाने पर सांसद की ओर से संचालकों के समक्ष विरोध प्रकट करते हुए शो को बंद करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद सांसद ने जिला कलेक्टर को भी विवादित तथ्यों को हटाने के बाद ही शो संचालित करने के लिए निवेदन किया था।
अखिल/ ईश्वर
