वाराणसी(हि.स.)। जम्मू कश्मीर के पठानकोट में तैनात सेना के जवान श्यामजी यादव का पार्थिव शरीर बुधवार को पैतृक आवास सरवनपुर लाया गया। जवान के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपटा देख परिजन बिलख पड़े। जवान की पत्नी इंदो देवी, दोनों बेटे किशन और नितिन, बेटी नेहा का रूदन देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों और पड़ोसियों की आंखे भी नम हो गईं। जवान को श्रद्धांजलि देने आसपास के गांव के सैकड़ों लोग भी वहां पहुंचे। इस दौरान जिले के आला अफसरों के न पहुंचने पर लोगों में नाराजगी भी दिखी।
सरवनपुर गांव निवासी जित्तू यादव के तीन बेटों में सबसे छोटा श्यामजी सेना में हवलदार के पद पर जम्मू कश्मीर के पठानकोट में तैनात थे। गत शनिवार को श्यामजी यादव का शव पठानकोट स्थित एक होटल में संदिग्ध हालात में मिला था। सूचना पर परिजन शव लेने पठानकोट गए थे। वहां जांच एवं अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को दिया गया, जिसे लेकर सेना के जवान और परिजन आज सरवनपुर पहुंचे। जवान का पार्थिव शरीर गांव के सीमा पर जैसे ही पहुंचा वहां मौजूद युवाओं ने भारत माता की जय का गगनभेदी नारा लगाया। गांव वालों ने बताया कि विगत शनिवार शाम को श्यामजी की पत्नी इंदो देवी और मां से फोन पर बात हुई थी। श्यामजी तीन माह पूर्व नवंबर में 15 दिनों की छुट्टी पर आए थे।
श्रीधर
