ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव लापरवाही से नहीं आ रहे बाज
कानपुर (हि.स.)। गोवंशों के संररक्षण के लिए प्रदेश सरकार लगातार पहल कर रही है, लेकिन पचोर गांव में लगातार गोवंश काल के गाल में समा रहे हैं। बुधवार को भी एक गोवंश की मौत होने के बाद कुत्ते नोचते हुए दिखाई दिये। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की लापरवाही से गोवंश लगातार मर रहे हैं।
चौबेपुर ब्लॉक के अर्न्तगत पचोर ग्राम पंचायत में अस्थाई गोशाला बनी हुई है और इसकी देखभाल की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान चन्द्रपाल कुरील और ग्राम सचिव अनिल श्रीवास्तव की है। लेकिन यहां पर आये दिन गोवंश दम तोड़ रहे हैं और बुधवार को भी एक गोवंश की मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब मृत गोवंश को कुत्ते नोच रहे थे और वहां पर कोई भी देखरेख करने वाला नहीं था। ग्रामीण विकास और रमेश ने बताया कि यहां पर आये दिन गोवंश दम तोड़ रहे हैं। ग्राम प्रधान चन्द्रपाल कुरील और सचिव अनिल श्रीवास्तव की घोर लापरवाही से गोवंशों की मौत हो रही है। पिछले छह माह में करीब आधा सैकड़ा गाय, बछड़ा, बछिया काल के गाल में समा चुके हैं। यह भी बताया गया कि गोशाला कागजों में सब सही चल रहा है, पर जमीनी हकीकत यह है कि गोशाला में न तो पर्याप्त चार है और न ही चोकर व दाना। ग्राम प्रधान ने बताया कि एक गोवंश की आज मौत हुई है और उसे जमीन पर गड़वा दिया गया है। मेरी दो माह से तबियत ठीक नहीं है, इसलिए गोशाला नहीं जा पा रहा हूं। डीपीआरओ कमल किशोर ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अजय
