Wednesday, March 11, 2026
Homeउत्तर प्रदेशपंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम किया घोषित, 01...

पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम किया घोषित, 01 अक्टूबर से मतदाता सूची का पुनरीक्षण

 

लखनऊ। प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम तय कर दिया है।  त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन के लिए निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी गयी है। इस कार्यक्रम के अनुसार आगामी 01 अक्तूबर से बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करेंगे। 29 दिसम्बर को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। इससे अब तय हो गया है कि इस वर्ष पंचायत चुनाव नहीं होंगे। 
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का यह अभियान करीब साढ़े तीन महीने चलेगा। अभियान के तहत पिछले पंचायत चुनाव यानि वर्ष 2015 के बाद से 01 जनवरी, 2021 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले ग्रामीण युवाओं को पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में नए वोटर के रूप में दर्ज किया जाएगा। इसी के साथ इस अवधि में मृत, अन्यत्र स्थानांतरित या डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाए भी जाएंगे। 
अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने बताया कि 15 से 30 सितम्बर के बीच यह जांच की जाएगी कि किस ग्राम पंचायत का आंशिक भाग, अन्य ग्राम पंचायत अथवा नगरीय निकाय में शामिल हुआ है। ऐसी सूरत में उस ग्राम पंचायत के आंशिक भाग या ग्राम पंचायत को प्रदेश की ग्राम पंचायतों की सूची से हटाया जाएगा। इसके साथ ही वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के लिए बीएलओ और पर्यवेक्षकों को उनके कार्यक्षेत्र का आवंटन किया जाएगा। यह दोनों काम अलग-अलग समानांतर चलेंगे।
01 अक्तूबर से 12 नवम्बर तक बीएलओ घर-घर जाकर वोटर लिस्ट में शामिल वोटरों की गणना और नए वोटरों का सर्वेक्षण करेंगे। 01 अक्तूबर से 05 नवम्बर के बीच ऑनलाइन आवेदन करके भी मतदाता भी बनाए जा सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट sec.up.nic.in पर ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों की घर-घर जाकर जांच 06 नवम्बर से 12 नवम्बर के बीच की जाएगी।
13 नवम्बर से 05 दिसम्बर के बीच मतदाता सूची के ड्राफ्ट की कम्पयूटरीकृत पाण्डुलिपि तैयार की जाएगी। 06 दिसम्बर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा। 06 दिसम्बर से 12 दिसम्बर से इस मतदाता सूची  में अपने नाम व अन्य विवरण की लोग जांच कर सकेंगे। इसी अवधि में मतदाता सूची के इस ड्राफ्ट की खामियों पर दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी। 13 दिसम्बर से 19 दिसम्बर के बीच इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 29 दिसम्बर को  मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा।
अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा के मुताबिक प्रदेश में  पंचायत के नागरिकों को पहली बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की सुविधा प्रदान की जा रही है। मतदाता आयोग की वेबसाइट http://sec.up.nic.in पर उपलब्ध लिंक वोट सर्विस पर जाकर भी अपना मोबाइल नम्बर स्वयं रजिस्टर कर सकतें हैं। मतदाता अपने क्षेत्र से सम्बन्धित बीएलओ, सुपरवाइजर अथवा सेक्टर आफिसर के बारे में जानकारी आयोग की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। 
पंचायतों के लगभग 80,000 मतदान केन्द्रों के अन्तर्गत लगभग दो लाख मतदान स्थलों के लिए लगभग एक लाख कर्मचारियों की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगायी जाएगी। आयोग द्वारा विकसित ई बीएलओ मोबाइल एप का प्रयोग बीएलओ करेंगे। इस एप के जरिए ही बीएलओ द्वारा विभिन्न सूचनाएं सम्बंधित को प्रेषित की जायेंगी जिससे बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्य की दिन प्रतिदिन मानिटरिंग की जाएगी।
दरअसल उत्तर प्रदेश की 59,163 ग्राम पंचायतों के मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल आगामी 25 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है। 13 जनवरी, 2021 को जिला पंचायत अध्यक्ष और 17 मार्च को क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा है। सम्भावना जतायी जा रही है कि प्रदेश सरकार इस बार जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव एक साथ कराएगी, जो अगले साल होंगे। ऐसे में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म कर ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों को मिलाकर प्रशासनिक समिति का गठन किया जा सकता है। 

RELATED ARTICLES

Most Popular