– ऐतिहासिक दुर्ग को बचाने की कवायद
झांसी(हि.स.)। महारानी लक्ष्मीबाई के एतिहासिक किले के चारों ओर हो रहे पथवे निर्माण कार्य को बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष ने अवैध रुप से निर्माण कार्य कराये जाने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य रुकवाने के लिए संघर्ष शील है। बुधवार को निर्माण कार्य स्थल पर वह धरने पर बैठ गए। लेकिन पुलिस व पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने उन से वार्ता कर धरना समाप्त करा दिया। हालांकि भानू ने कहा कि गुरुवार को फिर से धरने पर बैठेगे।
निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के एक्ट 2010 के अनुसार केंद्रीय संरक्षित स्मारक के प्रतिषिद्ध क्षेत्र के भीतर लोक परियोजना सहित किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। सूचना के अधिकार के अंतर्गत पुरातत्व विभाग झांसी सर्किल ने बताया है कि झांसी दुर्ग एवं दुर्ग के चतुर्दिक भूमि भी संरक्षित स्मारक रानी के किले का हिस्सा है। जोकि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय संरक्षित स्मारक की सूची में अधिसूचित है। एक्ट का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष की सजा तथा एक लाख जुर्माने का प्रावधान है। इसको लेकर वह मंडलायुक्त को दो पत्र एवं जिलाधिकारी को चार पत्र सौंप कर जांच कराए जाने का निवेदन कर चुके है। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुरातत्व विभाग से जो कार्य करने की अनुमति मिली है उसमें पाथ वे बनाया जाना शामिल नहीं है। पर ऐसा क्या घाल मेल हो रहा है जो संबधित विभाग पाथ वे बनाने के लिए आतुर है एवं पुरातत्व विभाग मूक दर्शक बना देख रहा है।
महारानी के धरोहर को बचाने के लिए उनका सिपाही बनकर अवैध निर्माण करवाने वाले दूल्हा जू के अनुयाईयों से अंतिम सांस रहने तक संघर्ष करूंगा। निर्माण कार्य रुकवाने एवं किये जा चुके कार्य के मलवे को हटवाए जाने के लिए मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय खंडेराव गेट बाहर महारानी के किले के झंडा बुर्ज के नीचे पाथ वे के लिए बनाई जा रही बाउंडरी वाल पर धरने पर बैठ गए। यह धरना निरंतर चलता रहेगा जब तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो जाती। वही, धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य व पुलिस ने धरना समाप्त करवा दिया। भानू सहाय ने कहा कि 26 मई को पुनः 10 बजे से झण्डा बुर्ज के नीचे धरना दूंगा।
महेश
