जानकी शरण द्विवेदी
गोंडा। जिले में दो दिन पूर्व अवध केसरी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमरपाल सिंह उर्फ नील ठाकुर (32) पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने दो नामजद अभियुक्तों समेत चार लोगों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा मय कारतूस, क्रिकेट स्टंप व दो अदद चार पहिया वाहन बरामद किया है। हमले के पीछे पुरानी रंजिश का मामला प्रकाश में आया है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि बीते गुरुवार की रात करीब 11 बजे जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोंडा उतरौला मार्ग पर सोनी गुमटी के निकट एक व्यक्ति के कार के बगल में घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल व्यक्ति की पहचान बिशुनपुर बैरिया निवासी अमरपाल सिंह उर्फ नील ठाकुर पुत्र स्व. मदनलाल सिंह निवासी थाना कोतवाली देहात, जिला गोंडा के रूप में की, जो अवध केसरी सेना के प्रदेश अध्यक्ष हैं। प्रकरण में वादी मधुर सिंह की तहरीर पर स्थानीय थाने पर भादवि की धारा 147,148,149, 307, 323, 342 के तहत पांच नामजद व चार अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया था। उन्होंने घटना के त्वरित अनावरण के लिए पांच टीमों का गठन किया था। थाना कोतवाली नगर, स्वाट व सर्विलांस टीमों के सहयोग से पुलिस ने आज घटना का सफल अनावरण करते हुए दो नामजद व विवेचना के दौरान प्रकाश में आए दो अभियुक्तों समर बहादुर सिंह, मो. खैरुद्दीन खान उर्फ दारा खान, कृष्ण कुमार साहू और महेश को गायत्री पुरम कॉलोनी से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा मय कारतूस, क्रिकेट स्टंप और दो अदद चार पहिया वाहन बरामद किया। एसपी ने बताया कि अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि अभियुक्त समर उर्फ बिक्कू सिंह व नील ठाकुर के मध्य पुरानी रंजिश थी। 25 अप्रेल 2022 को भी उनके मध्य मारपीट हुई थी। इस सम्बन्ध में समर के भाई गिरिजेश सिंह द्वारा नील ठाकुर व उसके सहयोगियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया था। इसी रंजिश को लेकर बिक्कू सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सोनी गुमटी रेलवे क्रासिंग के पास चलती गाड़ी से नील ठाकुर के ऊपर तमंचे से फायर कर दिया था, जिससे उनके पेट में गोली लग गई थी और क्रिकेट के स्टम्प से मारकर उन्हें घायल कर दिया गया था। एसपी के अनुसार, समर के विरुद्ध विभिन्न थानों में चोरी, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट, गैगेस्टर एक्ट आदि में 15 अभियोग पंजीकृत हैं। एसपी ने बताया कि गिरफ्तारी के उपरांत नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल रवाना किया गया।

