– अवैध स्टैंडों की वसूली समाजविरोधी कार्यों में होती है उपयोग, इनका संचालन कराएं बंद
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहीं औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इंसेंटिव प्रदान किया जा रहा है। ऐसे सभी प्रकरणों की गहन समीक्षा कर बिना बिलंब किए पारदर्शी तरीके से उनका समाधान किया जाए। औद्योगिक विकास विभाग द्वारा इसे शीर्ष प्राथमिकता देते हुए निस्तारित किया जाए। यह निर्देश मंगलवार को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित अधिकारियों की बैठक के दौरान कहा कि विगत कुछ दिनों में परिवहन विभाग की बसों में आग लगने की दुःखद घटनाएं घटित हुई हैं। ऐसी घटना आगे न हो, इसके लिए परिवहन विभाग हर जरूरी कदम उठाए। हर जिले में पीपीपी मॉडल पर कम से कम एक आधुनिक मॉडल बस स्टेशन विकसित किया किया जाना है। परिवहन विभाग द्वारा जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को शीघ्र प्राथमिकता देते हुए कार्यवाही तेज की जाए।
प्रदेश के किसी भी जनपद में अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड, रिक्शा स्टैंड संचालित नहीं होना चाहिए। ऐसे स्टैंड अवैध वसूली होने को बढ़ावा देते हैं। यह वसूली समाजविरोधी कार्यों में उपयोग होती है। जहां कहीं भी ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही हों, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। टैक्सी स्टैंड के लिए ठेकेदार स्थान निर्धारित करें। शहरों में ई-रिक्शा के लिए रूट तय किया जाना जरूरी है।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्या, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह एवं राज्य मंत्री राजस्व अनूप प्रधान मौजूद रहे।
मोहित वर्मा/दिलीप
