Sunday, April 12, 2026
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 निर्बाध व सुरक्षित विद्युत आपूर्ति के लिए रिवैंप योजना को धरातल पर उतारे : ए.के. शर्मा

– ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से कहा, योजना पर सभी डिस्कॉम कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्य शुरू करें

– मीटर बदलने, नया मीटर लगाने, लोड बढ़ाने-घटाने तथा गलत बिल एवं नया कनेक्शन देने में देरी की शिकायतों का लें संज्ञान

लखनऊ(हि.स.)। प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए और उपभोक्ताओं को निर्बाध व सुरक्षित विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की रिवैंप योजना को धरातल पर उतारने की जरूरत है। इसके लिए सभी डिस्कॉम कार्ययोजना बनाकर शीघ्र इस पर कार्य शुरू करें। इस प्रक्रिया को शासन और पावर कारपोरेशन के उच्चाधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए। कहा कि कार्यों में गति लाने व वर्तमान विद्युत व्यवस्था के ढांचे में बदलाव का ब्लूप्रिंट शीघ्र तैयार किया जाए।

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने रिवैंप योजना की प्रगति, राजस्व वसूली, बिलिंग, उपभोक्ताओं की शिकायतों को स्थिति और घाटमपुर व पनकी की विद्युत इकाइयों के जनरेशन आदि विषयों को लेकर शक्ति भवन में समीक्षा बैठक की। उन्होंने रिवैंप योजना के अभी तक क्रियान्वित न होने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि पांच हजार करोड़ की बजटीय व्यवस्था वाली इस योजना को शीघ्र क्रियान्वित किया जाए, जिससे प्रदेश के उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिल सके।

उन्होंने इस योजना के संचालित होने में आ रही बाधाओं और देरी का कारण पूछा। उन्होंने योजना की टेंडरिंग प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा तथा योजना को क्रियान्वित करने के लिए डीपीआर सही से बनाने, टेक्नीशियन टीम को सही से कार्य करने के निर्देश देने को कहा। उन्होंने कहा कि सीवीसी की गाइडलाइन के अनुसार फाइनल डॉक्यूमेंटेशन किया जाए और कार्यों में तेजी लाने के लिए नए सिरे से रि-बीड निगोशिएशन की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करें।

ए.के. शर्मा ने प्रदेश के सभी 1000 और 500 की आबादी वाले मजरों में बिजली के खुले तारों को केकेबीसी केबलिंग में बदलने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी डिस्कॉम के एमडी को इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ट्रांसफार्मर को जलने से बचाने के लिए इसमें फ्यूज लगाने और अतिभारित ट्रांसफार्मर व फीडर की क्षमता वृद्धि करने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि विद्युत समाधान योजना और ‘सम्भव’ पोर्टल के तहत जन सुनवाई से विद्युत संबंधी शिकायतों में काफी कमी आई है। टोल फ्री नंबर 1912 की क्षमता में दोगुनी वृद्धि कर इसे 60 से बढ़ाकर 120 लाइन कर दी गई है, जिससे काल बेटिंग में कमी आई है। फिर भी शिकायतों के समाधान में शिथिलता न बरती जाए। उपभोक्ताओं के मीटर बदलने, नया मीटर लगाने, लोड बढ़ाने-घटाने तथा गलत बिल एवं नया कनेक्शन देने में देरी की शिकायतों का समय पर संज्ञान लिया जाए, तो उपभोक्ताओं की शिकायतों पर और कमी लाई जा सकती है। उन्होंने ‘सम्भव’ पोर्टल की व्यवस्था के तहत सभी स्तरों पर जनसुनवाई करने तथा जन शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा महेश चंद्र गुप्ता, उप्र पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज, प्रबंध निदेशक उत्पादन एवं पारेषण पी. गुरु प्रसाद, प्रबंध निदेशक पावर कारपोरेशन पंकज कुमार उपस्थित थे,जबकि सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक वर्चुअली रूप से जुड़े थे।

मोहित

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