मीरजापुर (हि.स.)। निजी औद्योगिक पार्क के लिए उद्योग विभाग के अधिकारियों ने आखिरकार डगमगपुर के टोंगा में 11 एकड़ जमीन खोज ही ली। सबसे बड़ी बात है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग से महज चार किलोमीटर दूर है। ऐसे में निवेशकों को यहां आने-जाने व माल ढुलाई समेत अन्य संसाधनों में सहूलियत मिलेगी।
निजी औद्योगिक पार्क के लिए उद्योग विभाग ने इससे पूर्व मड़िहान के रानीबारी में व रीवां रोड पर 50 एकड़ जमीन देखी थी, लेकिन वहां पर पहुंचने के लिए कारोबारियों को करीब 10 मोड़ से होकर गुजरना था। इसके अलावा वहां जाने वाली सड़क भी आठ फीट चौड़ी और एकल है। इसके अलावा कई जगहों पर जमीन सड़क से चार-पांच मीटर नीचे की तरफ देखने को मिली। ऐसे में आवागमन में बांधा को देखते हुए विभाग ने हाथ पीछे खींच लिया। यहां तक कि उद्यमियों ने भी मुंह फेर लिया था। इसके अलावा भिस्कुरी में सहारा इंडिया के बगल में 12 एकड़ भूमि देखी गई थी, लेकिन यहां भी आवागमन के लिए रास्ता नहीं मिला। वहीं रिहायशी इलाका होने से भी विभाग पीछे हट गया, क्योंकि यहां पर यदि निजी औद्योगिक पार्क स्थापित किया जाता तो प्रदूषण का खतरा मंडराने लगता। उद्योग उपायुक्त अशोक कुमार ने बताया कि निजी औद्योगिक पार्क के लिए डगमगपुर के टोंगा में 11 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। बड़ी बात यह है कि यह हाई-वे से चार किलोमीटर दूर है। जबकि मुख्य सड़क जल्द फोरलेन होने वाली है।
स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट, पूंजीगत निवेश पर 25 प्रतिशत अनुदान
औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत निवेश के आधार पर 45 करोड़ रुपये की सीमा तक पूर्वांचल में 20 एकड़ या उससे अधिक भूमि पर निजी औद्योगिक पार्क स्थापना पर 25 फीसदी पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। वहीं 100 एकड़ से अधिक भूमि पर निजी औद्योगिक पार्क की स्थापना पर 50 करोड़ रुपये तक सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा निवेशकों को स्टांप ड्यूटी में 100 फीसदी छूट दी जाएगी।
कमलेश्वर शरण/मोहित
