Sunday, April 12, 2026
Homeउत्तर प्रदेशनिजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे सरकारी बैंक...

निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे सरकारी बैंक कर्मचारी

– सरकार नहीं चेती तो बैंक कर्मचारी आगे भी करते रहेंगे विरोध

कानपुर (हि.स.)। निजीकरण को लेकर जनपद के सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को दूसरे दिन में बृहस्पतिवार को कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक के बाहर एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए निजीकरण का विरोध जताया। दूसरे दिन सभी सरकारी बैंकों में काम नहीं होने के कारण जनपद के बैंकों में करीब सात सौ करोड़ का लेन देन प्रभावित रहा।

जनपद में बृहस्पतिवार से सरकार बैंकों के कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। दूसरे दिन शुक्रवार को सभी बैंक यूनियन ने शामिल होकर बैंकों के निजीकरण का विरोध जताया और बैंकों में पूरे दिन कामकाज बंद करते हुए ताला लगा दिया। जिससे बैंकों में कोई भी काम नहीं हो सका और करीब सात सौ करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ। सभी बैंक के यूूनियन के सदस्यों ने शुक्रवार को बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक के बाहर सुबह से ही एकत्रित हो गए और प्रदर्शन करते हुए निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। निजीकरण के नुकसान के बारे में बताते हुए कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण की वजह से बैंकों का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा न रहकर मुनाफा कमाना रह जाएगा। जिससे समाज के अधिकांश लोगों को सस्ती और सुलभ बैंकिंग सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। कहा गया कि हर मर्ज की दवा सिर्फ निजीकरण ही नहीं है। इससे बैंकों के कर्मचारियों के साथ ही आम जनता भी प्रभावित होगी। इन दिनों बैंकों में जनता का लाखों करोड़ों रुपये जमा है। जो निजीकरण के बाद सीधे प्राइवेट कार्पोरेट के हाथों में पहुंच जाएगा। जिसका उपयोग वे अपने और अपने नजदीकियों के हित में करेंगे। साथ ही सरकार की जितनी भी योजनाएं बैंकों के माध्यम से चलाई जा रही हैं, उन पर भी प्रभाव पड़ेगा।

बैंक कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। बैनर पोस्टर तख्ती हाथ में लेकर कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक में प्रदर्शन कर रहे इंडियन बैंक यूनाइटेड फोरम के कन्वेनरों ने बताया कि सरकारी बैंकों को बेचने की साजिश की जा रही है। इंडियन बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि निजीकरण होने से सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच सकेगा। जिससे आम जनता का भी काफी नुकसान होगा। अगर सरकार ने बैंकों का निजीकरण बंद नहीं किया तो आगे और भी उग्र प्रदर्शन करेंगे।

महमूद

RELATED ARTICLES

Most Popular