जातीय समीकरणों के खेल में मतदाताओं ने साधी चुप्पी
हमीरपुर (हि.स.)। हमीरपुर जिले में निकाय चुनाव को लेकर प्रचार थमने के बाद अब यहां दलीय उम्मीदवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। मतदान से कुछ ही घंटे रह गए है ऐसे में मतदाताओं की चुप्पी नहीं टूटने से भाजपा और सपा समेत अन्य दलों के उम्मीदवार इस समय टेंशन में है।
हमीरपुर जिले में नगर पालिका परिषद की तीनों अनारक्षित सीटों में प्रचार थमने के बाद जातीय समीकरण अब बड़ी तेजे से बदल रहे हैं। सदर सीट के लिए भाजपा और सपा में सीधी फाइट के आसार भी अब बन गए हैं, लेकिन जातीय समीकरणों के खेल बनने और बिगडऩे से प्रमुख दलों के उम्मीदवार टेंशन में दिखाई दे रहे हैं।
निषाद बिरादरी के करीब 8600 मतों के बलबूते पूर्व चेयरमैन कुलदीप निषाद ने पिछले चुनाव में भाजपा का कमल खिलाया था लेकिन इस बार मेरापुर, भिलांवा, डिग्गी, केसरिया का डेरा, ब्रम्हा का डेरा समेत कई इलाकों में निषाद बिरादरी के लोग भाजपा के उम्मीदवार कुलदीप निषाद से नाराज हैं।
निषाद बाहुल्य इलाकों में इस बार निषाद मतदाताओं के बसपा और सपा में भी बंट सकते है। सदर सीट में सात उम्मीदवार है जिनमें निषाद बिरादरी से ही दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। इनमें भाजपा के अलावा बसपा से पूर्व प्रधान प्रेमचन्द्र निषाद यहां चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए बड़ी कवायद की है।
मुस्लिम और सामान्य जाति के मतदाताओं ने अब साधी चुप्पी
नगर पालिका परिषद की सदर सीट में इस बार भाजपा और सपा ने बड़ी ताकत लगाई है। लेकिन मुस्लिम और सामान्य जाति के मतदाताओं के चुप्पी न तोडऩे से उनमें बेचौनी भी देखी जा रही है। यहां करीब 8600 निषाद जाति के मतदाता है जबकि साढ़े चार हजार मुस्लिम और चार हजार के करीब ब्राम्हण मतदाता है। इसके अलावा 2200 क्षत्रिय, 1200 यादव व डेढ़ हजार के करीब प्रजापति बिरादरी के मतदाता है। सदर सीट के मतदान में किसी भी उम्मीदवार की हवा बनाने और बिगाडऩे में निषाद, ब्राम्हण और मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी भूमिका रहती है लेकिन इस बार मुस्लिम और अन्य बिरादरी के मतदाताओं का रुख कोई नहीं जान पा रहा है।
निकाय की कई सीटों में निर्दलियों ने बिगाड़े जातीय समीकरण
सदर सीट पर अबकी बार भाजपा और सपा की सीधी लड़ाई होने के आसार बन गए है वहीं निर्दलियों से इन दोनों दलों के उम्मीदवारों के जातीय समीकरण गड़बड़ाते दिख रहे है। एक ही इलाके से सपा और एक निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में आकर एक दूसरे के गढ़ में सेंधमारी कर बड़ा नुकसान किया है जिससे सपा और निर्दलीय के गढ़ से भाजपा को बड़ा फायदा मिल सकता है। मौदहा व राठ की सीट में भी तमाम निर्दलियों ने भाजपा और सपा के जातीय अंकगणित फेल कर दी है। जिससे दलीय उम्मीदवार टेंशन में आ गए है। नगर पंचायत की सुमेरपुर सीट में भी दर्जनों निर्दलियों से भाजपा के जातीय समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
पंकज
