Monday, April 13, 2026
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निकाय चुनाव के आरक्षण में बुंदेलखंड के सवर्णों के साथ अन्याय, 51 में से 47 सीटें आरक्षित

बांदा (हि.स.)। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए सरकार द्वारा घोषित की गई आरक्षण सूची में बुंदेलखंड के सभी 7 जनपदों में महापालिका, नगर पालिका और नगर पंचायत की 51 सीटों में से 47 सीटें आरक्षित करने पर आक्रोश व्यक्त किया है। साथ ही इस संबंध में निर्वाचन आयोग और मुख्यमंत्री से विचार करने को कहा गया है।

क्षत्रिय महासभा के संरक्षक रमजोर सिंह चंदेल ने कहा कि बुंदेलखंड में झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट के 7 जनपद आते हैं। जिसमें एक नगर महापालिका झांसी, 17 नगर पालिका परिषद एवं 33 नगर पंचायत हैं। इस तरह कुल 51 नगर निकाय की सीटें हैं। इनमें से घोषित की गई आरक्षित सूची में 47 आरक्षित कर दी गई है। सवर्णों के हिस्से में सिर्फ 4 सीटें आई हैं। उन्होंने कहा कि नगर निकाय की आरक्षित सूची न्याय संगत न होकर वर्षों से जनसेवा कर रहे सवर्णों के साथ अन्याय है तथा पूरे बुंदेलखंड को सवर्णों से नेतृत्व विहीन करने का कुचक्र है।

उन्होंने मांग की है कि बुंदेलखंड के चित्रकूट मंडल में प्रत्येक जनपद में कम से कम 2 सीटें अनारक्षित की जाए और नगर पालिका में एक-एक सीट अनारक्षित की जाएं।

इसी तरह से संगठन के अध्यक्ष रामसिंह कछवाह ने कहा कि आरक्षण सूची में गड़बड़ी की गई है। इसके लिए हमने अपनी ओर से आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की आरक्षित सूची घोषित की गई है उससे लग रहा है कि सवर्णों को हाशिये से बाहर किए जाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हमने अपनी ओर से आपत्ति जिला अधिकारी बांदा के यहां दर्ज करा दी है।

अनिल सिंह

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