बांदा (हि.स.)। निकाय चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को उम्मीदवार के चयन में अच्छी खासी माथापच्ची करनी पड़ी। सभी दलों ने नामांकन के अंतिम दिन से एक दिन पहले रविवार को अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने 24 घंटे के अंदर घोषित किए गए उम्मीदवारों को बदल कर समीकरण गड़बड़ा दिए हैं।
कांग्रेस ने नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष संजय गुप्ता की पत्नी साधना गुप्ता को उम्मीदवार घोषित किया। कुछ ही घंटे बाद उनकी जगह आदिशक्ति दीक्षित को उम्मीदवार बना दिया गया। इसी तरह का उलटफेर समाजवादी पार्टी में भी देखने को मिला। पहले पूर्व चेयरमैन मोहन साहू की पत्नी गीता साहू को उम्मीदवार घोषित किया। फिर रुचि त्रिपाठी उम्मीदवार बना दिया गया और अब फिर सपा ने गीता साहू को ही उम्मीदवार बना दिया है, जिससे सभी दलों के समीकरण गड़बड़ा गए हैं।
जिले में नामांकन प्रक्रिया 17 अप्रैल को जिले में शुरू हुई थी। उम्मीदवारों के चयन में बाजी मारते हुए समाजवादी पार्टी ने पूर्व पालिका अध्यक्ष की पत्नी गीता साहू को उम्मीदवार बनाकर चयन में बाजी मारी थी। लेकिन दो दिन बाद ही पार्टी ने नए चेहरे के रूप में रुचि त्रिपाठी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। जिससे रुचि त्रिपाठी ने रविवार को बड़े ताम-झाम के साथ नामांकन करा दिया था। इनके पहले गीता साहू भी नामांकन कर चुकी थी। गीता साहू का टिकट कटने के बाद भी पूर्व चेयरमैन मोहन साहू ने हार नहीं मानी और प्रदेश नेतृत्व के सामने अपने दावेदारी मजबूत करते हुए एक बार फिर हाईकमान को उम्मीदवार बदलने पर मजबूर कर दिया। यही वजह है कि मात्र 24 घंटे के अंदर ही रुचि त्रिपाठी का टिकट काटकर एक बार फिर गीता साहू को पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया
कमोवेश यही स्थिति कांग्रेस में देखने को मिली। कांग्रेस ने पूर्व चेयरमैन संजय गुप्ता की पत्नी साधना गुप्ता को उम्मीदवार घोषित कर दिया। लेकिन समाजवादी पार्टी द्वारा ब्राह्मण उम्मीदवार को हटाए जाने और भाजपा द्वारा वैश्य उम्मीदवार चुनाव में उतारे जाने से कांग्रेस ने अपने वैश्य उम्मीदवार को हटाकर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव दीक्षित की पत्नी आदिशक्ति दीक्षित को उम्मीदवार बना दिया। आदिशक्ति दीक्षित कांग्रेस के टिकट पर तिंदवारी विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी है लेकिन कोई खास करिश्मा नहीं कर पाई। ऐन मौके पर कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बदल कर बांदा नगर पालिका सीट में लड़ाई त्रिकोणीय बना दिया है।
इस बीच बहुजन समाज पार्टी ने मुस्लिम उम्मीदवार के रूप में समाजसेवी ए0 एस0 नोमानी की पत्नी रिजवाना नोमानी को चुनाव मैदान में उतारकर मुस्लिम कार्ड खेला है।
अनिल
