कानपुर (हि. स.)। कानपुर पंचायत के संयोजक धर्म प्रकाश गुप्त ने बताया कि 27 जून 1857 की शाम को नाना साहब ने अंग्रेजों को पराजित कर कानपुर को मुक्त करा लिया था। कानपुर की स्वतंत्रता की घोषणा 28 जून 1857 को पनचक्की चौराहे के पास कानपुर में की थी और सभी स्वतंत्रता वीरों के बीच एक लाख रूप का पुरस्कार बाटा था।
ज्ञान भारती एमएस इण्टर कालेज, बिरहाना रोड में कानपुर पंचायत के तत्वावधान में कानपुर के एकमेव राजा नाना साहब पेशवा का 165 वां राज्याभिषेक समारोह हर्षोल्लास के साथ शुक्रवार को मनाया गया। कानपुर पंचायत के संयोजक ने कहा कि 01 जुलाई 1857 को बिठूर में नाना साहब का राज्याभिषेक हुआ था और उन्हें पेशवाई के पराम्परिक सिंहासन पर आसीन कराकर उनका राज तिलक किया गया। इस अवसर पर नाना साहब ने अजीमुल्लाखान को अपना प्रधान सलाहकार शाह अलि को शहर कोतवाल, बालाराव, ज्वाला प्रसाद और टीका सिंह को सेना की कमान सौपी थी। बाबा भट्ट को कानपुर के न्यायालय का प्रभार दिया गया।
बिठूर के चौधरी, खटिया के राजा, नानामऊ के मोती सिंह, पनकी गंगागंज, काकादेव तथा उसके आस-पास के राजपूत, शिवराजपुर के राजा सति प्रसाद, सचेंडी के राजा दुर्गा प्रसाद, चंदेलवंशी, नार के राजा दरियाव चन्द्र, अकबरपुर के तहसीलदार आदि ने उन्हें पूर्ण रूप राजा स्वीकार किया।
इस प्रकार इतिहास में प्रथम बार कानपुर का राजा नाना साहब पेशवा को बनाया गया। नाना साहब पेशवा के 165 वें राज्याभिषेक समारोह में सर्वप्रथम विधान परिषद के सदस्य सलिल विश्नोई ने नाना साहब पेशवा के चित्र पर तिलक किया।
कानपुर के इतिहास विशेषज्ञ मनोज कपूर ने इस अवसर पर बताया कि नाना साहब ने जिस गोपनीयता एवं कुशलता से भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को योजनाबद्ध किया वह अतुलनीय था। अंग्रेजों की खुफिया पुलिस तथा फौज भी उनकी योजनाओं को भाप न सकी। यह केवल समय का खेल था कि भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सफल न हो सका। कार्यक्रम में अनेक विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षिकाओं के साथ छात्र/छात्रायें उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक डा. श्याम बाबू गुप्त, ज्ञान भारती बालिका इण्टर कालेज के संचालक हरीश्याम गुप्त, ओमर वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय गुप्ता , पी पी एन डिग्री कालेज के डा.अंकित गुप्ता, भाजपा मंत्री रिचा सक्सेना, अनुराधा तिवारी, रति निगम, सुमन बाजपेई, महेश कुमार प्रधानाचार्य समेत कई लोग उपस्थित रहे।
हिमांशु
