Saturday, April 4, 2026
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नातिन के साथ दुष्कर्म कर हत्या मामले में चचेरे दादा को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

बांदा (हि.स.)। मरका थाना क्षेत्र में डेढ़ साल पहले नातिन के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या के जुर्म में आरोपी चचेरे दादा को न्यायालय ने दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई है। एडीजे पाक्सो एक्ट विशेष न्यायालय में विशेष न्यायाधीश अनु सक्सेना ने मामले का ट्रायल शुरु होने के बाद 40 दिन के अंदर सुनवाई पूरी कर दोषी को मौत की सजा दी है। अपराधियों के लिए यह सजा नजीर हो सकती है।

जिले के मरका थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम समगरा में 18 अप्रैल 2021 को राम बहादुर प्रजापति पुत्र गंगवा ने परिवारिक रिश्ते में लगने वाली नातिन के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और इसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ थाना मरका में धारा 302, 376 व पाक्सो एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

इस मामले में विवेचक रामाश्रय सरोज द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध प्रमाणिक साक्ष्यों का संकलन कर मात्र 42 दिनों में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजक कमल सिंह गौतम द्वारा प्रभावी पैरवी कर अभियुक्त को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई। न्यायालय में 28 नवंबर 2022 से ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान चिकित्सक सहित अन्य गवाहों के साक्ष्य व बयान प्रस्तुत हुए। जबकि 10 दिसंबर को बचाव पक्ष द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत कर अभियुक्त के बयान भी दर्ज किए गए। ट्रायल पूर्ण होते ही न्यायालय द्वारा आज बुधवार को आरोपी को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई गई।

18 अप्रैल 2021 को 5 वर्षीय नाबालिग को चचेरे दादा 45 वर्षीय राम बहादुर प्रजापति बिस्कुट खिलाने के बहाने अपने घर ले गया। घर में दुष्कर्म के बाद उसकी गला घोट कर हत्या कर दी। घटना के समय लड़की के बाबा खेत में गए थे जबकि पिता सूरत में काम करने के कारण बाहर थे। घर में दादी और मां थी। खेत से जब बाबा लौटा तो नातिन घर पर नहीं मिली। तलाश करने करते हुए वह राम बहादुर के घर पहुंचा। जहां खून की छींटे देखकर शंका हुई। जिसके आधार पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने राम बहादुर के घर में तलाशी ली तो घास में छुपा कर रखी गई बच्ची की लाश बरामद हुई। जिसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने कहा है कि महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए शासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला संबंधी अपराधों को चिन्हित कर प्रभावी विवेचना एवं पैरवी के माध्यम से अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा रही है। इसी कड़ी में समगरा के आरोपी को सजा दिलाई गई है। विवेचक सहित अभियोजक, पैरोकार, कोर्ट मुहर्रिर व अन्य संबंधित की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। जिसके चलते अभियुक्त को कम समय में मृत्युदंड की सजा दिलाई जा सकी। इन सभी को सम्मानित भी किया जाएगा।

अनिल

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