Sunday, March 29, 2026
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 नहरों में उड़ रही धूल, किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी

– पिछड़ रही धान की नर्सरी

मीरजापुर (हि.स.)। आधे जेठ के जाने के बाद भी अभी तक नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से धान की नर्सरी पिछड़ रही है। हलिया क्षेत्र के अदवा और सुखड़ा बांध से संचालित नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने पर किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति आक्रोश है। पानी के अभाव में धान की नर्सरी नहीं डाली जा सकी है, वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी रोस्टर के हिसाब से 15 जुलाई तक नहरों में पानी देने की बात कह रहे हैं।

क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों को छोड़कर अन्य इलाकों में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है। जून महीने के पहले सप्ताह को नर्सरी डालने का सबसे उत्तम समय माना जाता है, लेकिन नहर पर आश्रित किसान नहरों में पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं। भीषण गर्मी में जिन किसानों ने नर्सरी डाल भी दिया है, उन्हें हर तीसरे दिन सिंचाई के लिए पानी की जरूरत पड़ रही है। क्षेत्र के अधिकांश तालाब भी सूखे पड़े हैं। यदि नहर के पानी से इन तालाबों को भर दिए जाए ताे बेसहारा पशुओं को पानी के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

क्षेत्रीय किसान प्रभुनारायण पांडेय, भगवत प्रसाद मौर्य, दयानंद मिश्र, जयकृष्ण सिंह आदि ने बताया कि नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से धान की नर्सरी नहीं पड़ सकी है। जून बीतने को है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते नहरों के कटान की मरम्मत व साफ-सफाई भी नहीं करवाई जा सकी है।

अधिशासी अभियंता सिरसी बांध प्रखंड रामशंकर राजपूत ने बताया कि रोस्टर के हिसाब से नहरों में 15 जुलाई से पानी दिया जाना है। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।

गिरजा शंकर/राजेश

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