औरैया (हि. स.)। जिले के कोतवाली बिधूना क्षेत्र में अछल्दा बिधूना मार्ग पर पुरहा नदी के पुल के नीचे स्टाम्प वेंडर का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला है, जिसके पास मोटरसाइकिल भी पड़ी थी। राहगीरों ने शव को नदी किनारे पड़ा देखा तो इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसी बीच वहां से निकल रहे कस्बे के लोगों ने शव की पहचान स्टाम्प वेंडर वीरेन्द्र दीक्षित के रूप में की। स्टाम्प वेंडर की मौत की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया है।
जानकारी के अनुसार कस्बा के मोहल्ला किशोरगंज निवासी वीरेन्द्र कुमार दीक्षित (53 वर्ष) पत्र राम अवतार दीक्षित तहसील बिधूना में स्टाम्प वेंडर थे। वह धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। वीरेन्द्र दीक्षित बीती रात से गायब थे। उनका फोन भी बंद था। मंगलवार को सब्जी लेकर निकल रहा एक किसान बोरा सही करने के लिए पुरहा नदी के पुल पर रुका तो उसने देखा कि नदी में किसी का शव पड़ा है और उसके पास में बाइक भी पड़ी है। जिसकी जानकारी उसने पुलिस को दी।
पुरहा पुल के नीचे शव पड़े होने की जानकारी होते ही पुलिस मौके पर पहुंच गयी और देखते ही देखते वहां पर भीड़ लग गयी। इसी दौरान वहां से निकल रहे कस्बा निवासी उदयवीर सिंह ने शव की पहचान वीरेन्द्र दीक्षित स्टाम्प वेंडर के रूप में की। जिसके बाद इस बात की जानकारी परिजनों को दी गयी। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के भतीजे गौरव दीक्षित ने बताया कि चाचा कल शाम से गायब थे। देर रात्रि करीब 9 बजे उनका फोन मिलाया तो वह बंद बोल रहा था। हम लोग उनकी तलाश में लगे थे। वहीं पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उधर पसुआ गांव निवासी स्टाम्प वेंडर उदयभान सिंह ने बताया कि वीरेन्द्र दीक्षित बीती शाम करीब 6ः30 उन्हें कस्बा बिधूना में अछल्दा मार्ग पर मिले थे। पूछा तो बताया कि किसी काम से वह रूरूगंज जा रहे हैं। बताया कि गांव का मोड़ आ जाने पर वह गांव चले आये और वीरेन्द्र दीक्षित रूरूगंज की ओर बढ़ गये थे। बाद में कैसे क्या हुआ, बता नहीं सकता।
धार्मिक प्रवृत्ति के थे वीरेन्द्र
स्टाम्प वेंडर वीरेन्द्र दीक्षित धार्मिक प्रवृत्ति के थे। वह प्रतिदिन शाम को कस्बा में अछल्दा रोड़ स्थित शिव मंदिर पर जाते थे और पूजा अर्चना करते थे। इसके अलावा मंदिर पर प्रत्येक मंगलवार को सुन्दरकांड का पाठ भी करते थे। मंदिर कमेटी के सदस्य अले स्वर्णकार ने बताया कि वीरेन्द्र दीक्षित कल शाम को पूजा पाठ के समय मंदिर नहीं आये थे। उनके पास एक बेटा मानस दीक्षित एवं दो बेटियां इच्छा व सौम्या हैं।
सुनील
