गोरखपुर (हि.स.)। नाथ संप्रदाय की सर्वोच्च पीठ गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमले के बाद शासन-प्रशासन चौकन्ना हो गए हैं। गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा का नया खाका तैयार हो रहा है। इसके लागू होने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता हो जाएगी। आतंकियों या अराजक तत्वों का मंदिर परिसर में घुसना आसान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई दो चरण की बैठक के बाद प्रशासन मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने में जुट गया है। अनुभवी पुलिस अफसरों की अगुवाई में इसे नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इस की जिम्मेदारी एडीजी जोन अखिल कुमार को मिली है। गुरुवार तक इन्हें अपनी देखरेख में पूरी कार्ययोजना तैयार कर पुलिस मुख्यालय भेजना है। इसको लेकर मंथन भी शुरू हो गया है। काम इतनी तेजी से हो रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के कुछ ही घंटों बाद यानी मंगलवार की देर शाम को लखनऊ से उपकरण भी गोरखनाथ मंदिर पहुंच गया था। अब इन्हीं उपकरणों की मदद से मंदिर में आने-जाने वालों की सघन जांच होगी।
पुलिस द्वारा सुरक्षा के लिहाज से मंदिर के सभी प्रवेश द्वार को संवेदनशील माना जा रहा है। सभी जगह फोर्स की संख्या बढ़ाने के साथ ही हर परिस्थिति से निपटने में दक्ष जवानों को तैनात करने की योजना है। गेट के पास मोर्चा बनाया जाएगा। यदि कोई जबरन वाहन या हथियार लेकर मंदिर के भीतर घुसने का प्रयास करेगा तो उसे गेट पर ही दबोच लेने की तैयारी रहेगी। सुरक्षाकर्मियों को ट्रेनिंग देने के लिए पुलिस लाइन में सेंटर खोलने की तैयारी है। जहां एटीएस, एसटीएफ के साथ ही केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षकों को बुलाकर जवानों को विपरीत परिस्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
एडीजी अखिल कुमार का कहना है कि गोरखनाथ मंदिर के अलावा जिले के सभी सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा चाक-चौबंद है। इसे और बेहतर बनाने का प्लान जिले की पुलिस तैयार कर रही है। मंदिर में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ ही आने-जाने वालों की सघन चेकिंग हो रही है। इन्हें और पुख्ता बनाया जाएगा।
आमोद
