लखनऊ(हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के नए मंत्री जब तक मंत्रालय समझेंगे, तब-तक आचार संहिता लागू हो जाएगी।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने 26 सितम्बर को उत्तर प्रदेश में जातिगत आधार पर वोटों को साधने के लिए कुछ चेहरों को मंत्री बनाया है। बेहतर होता कि वे लोग इसे स्वीकार नहीं करते क्योंकि जब-तक वह अपने-अपने मंत्रालय को समझकर कुछ करना भी चाहेंगे, तब तक चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी।
उनके समाज के विकास एवं उत्थान के लिए अभी तक वर्तमान भाजपा सरकार ने कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए। उनके हितों में बसपा की सरकार ने जो भी कार्य शुरू किए हैं, उन्हें भी अधिकांश बंद कर दिया गया है। इस दोहरे चरित्र से इन वर्गों को सावधान रहने की सलाह है।
किसानों पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार पूरे साढ़े 4 वर्षों तक यहां के किसानों की घोर अनदेखी करती रही है। गन्ना का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया। जिस उपेक्षा की ओर 7 सितंबर को प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में मेरे द्वारा इंगित करने पर अब चुनाव से पहले गन्ना किसान याद आए हैं। जो भाजपा का स्वार्थ दर्शाता है।
केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारों के किसान विरोधी नीतियों से पूरा किसान समाज दुखी है। अब चुनाव से पहले अपनी फेस सेविंग के लिए गन्ना का समर्थन मूल्य थोड़ा बढ़ाना, खेती किसानी की मूल समस्या का सही समाधान नहीं है। ऐसे में किसान इनके बहकातवे में आने वाला नहीं है।
