Wednesday, January 14, 2026
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नई दिल्ली : 2024 तक देशभर की ब्रॉड गेज लाइनों का 100 प्रतिशत हो जायेगा विद्युतीकरण

नई दिल्ली (हि.स.)। भारतीय रेलवे को देश की जीवन रेखा माना जाता है। ऐसे में रेलमार्ग सेवा को अधिक सुगम और अत्याधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए रेल मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2023-24 तक देशभर की ब्रॉड गेज लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए रेल मंत्रालय 21,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

रेल मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रेलवे के 18 जोन में कुल 64,689 किमी ब्रॉड गेज मार्ग हैं, जिनमें से 45,881 किमी का विद्युतीकरण किया जा चुका है। शेष 18,808 किमी का विद्युतीकरण किया जाना बाकी है। पश्चिम मध्य रेलवे और कोलकाता मेट्रो पहले से ही शत प्रतिशत विद्युतीकृत है। ऐसे में विद्युतीकरण का यह कार्य केवल 16 रेलवे जोन में ही होगा।

इसमें भी सात जोन ऐसे हैं, जहां एक हजार से साढ़े तीन हजार किमी तक का विद्युतीकरण कार्य करना होगा, जबकि सात जोनों में 297 से 803 किमी विद्युतीकरण का कार्य शेष है। पूर्व तट और दक्षिण पूर्व दो रेलवे जोन ऐसे हैं, जहां विद्युतीकरण कार्य क्रमश: 9 और 52 किमी ही शेष है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस मामले में सबसे अधिक 7,062 किमी बड़ी लाइन उत्तर रेलवे के हिस्से में आती है। इनमें से 1,550 किमी लाइन का विद्युतीकरण कार्य शेष है। इसके बाद 6,206 कुल बड़ी लाइन वाले दक्षिण मध्य रेलवे में 2,061 किमी लाइन का विद्युतीकरण किया जाना है। इसी प्रकार उत्तर पश्चिम रेलवे में 5,248 किमी बड़ी लाइन में से 3,062 किमी का विद्युतीकरण कार्य शेष है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि रेलवे को शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे अधिक काम पूर्वोत्तर सीमा रेलवे जोन में करना होगा। यहां 4,152 किमी बड़ी लाइन में से मात्र 652 किमी ही विद्युतीकृत है। ऐसे में शेष 3,500 किमी का विद्युतीकरण पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा। असल में यह लाइन कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया, लुमडिंग और तिनसुकिया जैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में आते हैं।

दूसरी चुनौती उत्तर पश्चिम रेलवे में आ सकती है। यहां कुल 5,248 किमी लाइन में से 2,186 का विद्युतीकरण हो चुका है और 3,062 किमी शेष है। यह क्षेत्र अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर में हैं। इसके अलावा दक्षिण पश्चिम रेलवे में 3,578 में से 1,208 का विद्युतीकरण कार्य हो चुका है और बेंगलुरु, हुबली और मैसूर में 2,370 किमी में फैली बड़ी लाइन का विद्युतीकरण कार्य शेष है।

उल्लेखनीय है कि आज भी देशभर में सवारी और सामान को सड़क मार्ग के मुकाबले बेहद किफायती किराये और तीव्र गति से पहुंचाने वाली भारतीय रेलवे ही है। इसके आधुनिकीकरण पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेल मंत्रालय ने कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा किया है। अब वह देश भर के ब्रॉड गेज लाइनों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण करने जा रही है।

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