नई दिल्ली (हि.स.)। संसद घेराव की मांग पर अड़े किसानों और दिल्ली पुलिस के बीच तीसरी बैठक भी आज विफल रही।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी किसान नेताओं और पुलिस के बीच दो बार बैठक हो चुकी है, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली थी। जिसके बाद आज अलीपुर के एक फार्म हाउस में किसान नेताओं और दिल्ली पुलिस के आलाधिकारियों की बैठक हुई। 11 बजे से दो बजे तक चली बैठक बेनतीजा रही। पुलिस का कहना है कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान में देखते हुए किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन उसके बावजूद किसान अपनी घोषणा वापस लेने को तैयार नहीं हैं।
इनको दी गई है जिम्मेवारी
आईपीएस अधिकारी संजय कुमार त्यागी को आंदोलन से जुड़ी दिल्ली पुलिस की रणनीति बनाने की कमान दी गई है। डेप्यूटेशन से वापस लौटे आईपीएस संजय कुमार त्यागी को वेस्टर्न जोन के स्पेशल सीपी के साथ लगाया गया है। यह किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर फोकस करेंगे।
दरअसल किसान आंदोलन पिछले काफी समय से चल रहा है और समय-समय पर किसान दिल्ली कूच करने का ऐलान भी करते रहते हैं। ऐसे में पहली बार ऐसी कोई व्यवस्था की गई है, जिसके तहत कोई अधिकारी ऐसे मामले पर विशेष तौर पर काम करेगा।
किसानों ने 22 तारीख को संसद घेराव का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हाल ही में कहा था कि कुल 200 लोग बस से जाएंगे और संसद के बाहर बैठेंगे। दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। पिछले सात महीने से ज्यादा समय से यह आंदोलन जारी है।
