- भारत सरकार की मंजूरी का है इंतजार
नई दिल्ली । जानलेवा महामारी कोरोना की तीसरी लहर की खौफ के चलते एक सुकून भरी खबर सामने आई है। दुनिया का पहला डीएनए तकनीक पर आधारित फार्मा कंपनी जाइडस कैडिला का टीका बच्चों पर भी कारगर साबित हुआ है। देशभर के 50 अस्पतालों में बच्चों व वयस्कों पर हुए तीन ट्रायलों में यह टीका 66.6 फीसदी कारगर रहा है। जाइडस कैडिला का यह टीका दुनिया का पहला ऐसा टीका होगा जिसकी तीन खुराकें लगाने की जरूरत होगी।
फिलहाल इस दवा कंपनी ने टीके के तीनों ट्रायल के आंकड़े भारतीय औषधि महानियंत्रक को सौंपकर इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी उनसे मांगी है। जाइडस कंपनी ने दावा किया है कि टीके की दो खुराक लेने के बाद एक भी गंभीर बीमारी या मौत का मामला दर्ज नहीं किया गया है, वहीं तीसरी खुराक देने के बाद मरीज की बॉडी में 100 फीसदी तक एंटीबॉडी पाई गई हैं। कंपनी ने फिलहाल कहा है कि इस टीके को दो खुराकों में लाने की तैयारी चल रही है। जाइडस कैडिला ने इसके अलावा यह भी दावा किया है कि 12 से 18 वर्ष की आयु के करीब एक हजार बच्चे व किशोरों को यह वैक्सीन लगाई गई है। यह पहली वैक्सीन है जो बच्चों पर असरदार है। फिलहाल कोवैक्सिन और कोविशील्ड का ट्रायल अभी बच्चों पर किया जा रहा है।
नई दिल्ली : जाइडस कैडिला का डीएनए तकनीक वाला टीका बच्चों पर कारगर
RELATED ARTICLES
