Wednesday, March 4, 2026
Homeराष्ट्रीयनई दिल्ली : कोविड-19 महामारी मानवता के जीवित स्मृति में सामने आयीसबसे...

नई दिल्ली : कोविड-19 महामारी मानवता के जीवित स्मृति में सामने आयीसबसे गंभीर चुनौती है: नायडू


नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कोविड-19 महामारी को मानवता के जीवित स्मृति में सामने आयी सबसे गंभीर चुनौती करार दिया और भारतीय रणनीतिक एवं शैक्षणिक समुदाय से कोविड के बाद की दुनिया पर और भारत के लिए इसके प्रभावों पर ध्यान देने की अपील की। श्री नायडू, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) के पदेन अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने आज हैदराबाद से आईसीडब्ल्यूए की शासी परिषद की 19वीं बैठक को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए ये टिप्पणी की। इससे पहले दिन में, उन्होंने आईसीडब्ल्यूए के शासी निकाय की 20वीं बैठक की अध्यक्षता की। नायडू ने कहा कि महामारी के वैश्विक प्रभाव का विश्लेषण आईसीडब्ल्यूए के सभी विचार-विमर्शों और अनुसंधान के क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। उपराष्ट्रपति ने महामारी के व्यवधानों के बावजूद पिछले वर्ष हुई आईसीडब्ल्यूए की गतिविधियों की सराहना की। गौरतलब है कि पिछले सात महीनों में, अपनी शोध गतिविधियों के अलावा, आईसीडब्ल्यूए ने कुल 28 कार्यक्रम आयोजित किए जिनमें सम्मेलन, पैनल चर्चाएं, व्याख्यान, ट्रैक-2 संवाद और पुस्तक चर्चाएं शामिल हैं। नायडू इस बात से खुश थे कि अपने कार्यक्रम गतिविधियों में क्षेत्र के अध्ययन पर पारंपरिक ध्यान देने के अलावा, आईसीडब्ल्यूए ने हाल में गांधीजी और विश्व, समुद्री मामलों, उन्नत परिष्कृत बहुपक्षवाद, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के भीतर लिंग एवं कूटनीति, तथा प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान जैसे व्यापक विषयों पर भी ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान परिषद ने डिजिटल मंचों का पूरा उपयोग किया है, जिसने उसकी पहुंच बढ़ाने के अवसर प्रदान किए हैं। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर संतोष जताया कि आईसीडब्ल्यूए ने उन मुद्दों पर ध्यान देने के अपने प्रयासों को जारी रखा है जो विदेश नीति के एजेंडे में सबसे ऊपर हैं और साथ ही अपने संवादों, चर्चाओं एवं अनुसंधान के परिणामों को अधिक नीति प्रभावी बनाना भी जारी रखा है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि आईसीडब्ल्यूए के कार्यक्रमों में विदेश मंत्रालय की निरंतर उच्च स्तरीय भागीदारी रही है और दोनों, समुद्री मामलों, इंडिया-पैसिफिक ओशन इनिशियेटिव, इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (आईओआरए), भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 2021-22 में अस्थायी सदस्यता, शंघाई सहयोग संगठन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, सुदूर पूर्व में भारत-जापान-रूस सहयोग जैसे मुद्दों पर करीबी सहयोग करते हुए काम कर रहे हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular