मथुरा (हि.स.)। बरसाना राधारानी की जन्मस्थली से शुरू हुई राधारानी ब्रज यात्रा सोमवार जरासंध वध स्थल व लोहजंग ऋषि के तपस्थली के नाम से प्रख्यात लोहवन गांव यात्रा पहुंची। मावली आदि कई गांवों में ग्राम वासियों ने यात्रियों का जगह-जगह स्वागत किया।
कई गांवों में दैनिक रूप से चलने वाली संकीर्तन प्रभात फेरियों को संबोधित करते हुए मान मंदिर सेवा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष राधा कांत शास्त्री ने सोमवार कहा कि ब्रजवासियों की वास्तविक पहचान हरिनाम संकीर्तन से है। यदि हमारे जीवन में हरि नाम नहीं है तो हम ब्रजवासी तो क्या मनुष्य भी नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि जरासंध का वध लोहवन में ही किया गया था। लोहवन से यात्रा अपने पड़ाव स्थल सिहोरा पहुंची। रविवार को यात्रा नंदी वंदी छोली पहुंची, जहां नंदी वंदी के ब्रजवासिओं ने बाल भोग में दही बूरा खिलाया।
