– हस्त नक्षत्र के साथ ही त्रिपुष्कर योग में शाम को महालक्ष्मी की आराधना
वाराणसी (हि.स.)। काशीपुराधि बाबा विश्वनाथ की नगरी में धनतेरस पर्व मंगलवार से पांच दिवसीय त्यौहारों की खुशियां चहुंओर दिखने लगी है। अलसुबह से ही लोग घरों में पर्व की तैयारियों में जुट गये है। घरों और दुकानों के साथ बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई के साथ धन त्रयोदशी (धनतेरस) पर श्री समृद्धि की देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन अर्चन की तैयारी चल रही हैं।
पूजा अर्चना के लिए नगर के मलदहिया और चौक स्थित फूलमंडी में भोर से ही खरीददारों के साथ व्यवसायी भी खरीददारी के लिए पहुंचने लगे। मलदहिया और चौक में खरीददारों के चलते अलसुबह भी जाम की स्थिति बनी रही। इस बार धनतेरस पर्व पर हस्त नक्षत्र के साथ ही त्रिपुष्कर योग हैं। ऐसे में महालक्ष्मी की आराधना के साथ शुभ कार्य का तीन गुना फल प्राप्त होगा। त्रयोदशी प्रात: काल 8:16 बजे से शुरू हो गई है जो अगले दिन बुधवार को प्रात: 6:54 बजे तक रहेगी। शाम को ही आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरि की जयंती मनाने के साथ उनकी लोग अच्छे स्वास्थ्य की नेमत के लिए विधिवत आराधना करेंगे।
पर्वो की श्रृंखला में तीन नवम्बर बुधवार को नरक चतुर्दशी व हनुमत जयंती है। चार नवंबर को कार्तिक अमावस्या पर दीप पर्व दीपावली के साथ ही काली पूजन किया जाएगा। पांच नवंबर को काशी के देवालयों में अन्नकूट की झांकी सजेगी और काशी से इतर सर्वत्र गोवद्र्धन पूजा की जाएगी। छह नवंबर को काशी में गोवर्धन पूजा, भातृ द्वितीया (भइया दूज), यम द्वितीया व चित्रगुप्त जयंती मनाई जाएगी। इसके साथ पांच दिनी प्रकाश पर्व की समाप्ति होगी।
