वाराणसी (हि.स.)। धर्म नगरी काशी में रविवार का दिन शिवभक्तों के लिए खास बन गया। कोरोना के चलते लम्बे समय से काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ का झांकी दर्शन कर रहे शिवभक्तों को मंदिर के गर्भगृह में दर्शन पूजन के साथ जलाभिषेक का अवसर मिला।
कोविड प्रोटोकाल का पालन कर श्रद्धालु गर्भगृह में दिव्य ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर आह्ललादित दिखे।
इस दौरान श्रद्धालुओं के हर—हर महादेव के गगनभेदी उद्घोष से पूरा मंदिर परिक्षेत्र गुंजायमान रहा। मंदिर में फिर से गर्भगृह में दर्शन पूजन की व्यवस्था मंदिर प्रशासन ने की है।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के अनुसार बाबा के मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर के गर्भगृह में रविवार से ही प्रवेश दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं को दरबार में जलाभिषेक का मौका भी मिल रहा है। शिवभक्तों की बाबा विश्वनाथ में अटूट आस्था और उनकी मांग को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
बता दें कि, कोरोना काल के दूसरी लहर में बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में दर्शन पूजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से झांकी दर्शन कर बाहर से ही जलाभिषेक कर रहे थे। वाराणसी परिक्षेत्र के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने 15 अप्रैल से बाबा दरबार एवं अन्नपूर्णा मंदिर आने वाले भक्तों को तीन दिन पूर्व का आरटीपीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य कर दिया था। 8 जून से कुछ शर्तों के साथ दर्शन पूजन की अनुमति मिली। अब मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश और पूजन पर प्रतिबंध हटा लिया गया है।
दो माह बाद काशीपुराधिपति के गर्भगृह में शिवभक्तों ने किया दर्शन पूजन
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