मथुरा(हि.स.) मथुरा और वृंदावन में गंगा दशहरा पर्व गुरुवार और शुक्रवार को मनाया गया। श्रद्धालुओं ने यमुना के घाटों पर स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान किए। इस बार नगर निगम द्वारा यमुना में लगाई बैरिकेडिंग के चलते कोई हादसा न हो सका है। दोनों दिन नगर आयुक्त, महापौर सहित इलाका पुलिस घाटों का निरीक्षण करते रहे।
गंगा दशहरा पर्व पर यमुना के वृंदावन ,मथुरा ,गोकुल सहित अन्य घाटों पर शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु यमुना स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। मथुरा वृंदावन नगर निगम ने घाटों पर चेंजिंग रूम बनाए हैं ,जिससे महिला श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। इसके अलावा श्रद्धालु यमुना के गहरे पानी में जाकर हादसे का शिकार न हो जाएं। इसके लिए बैरिकेडिंग भी की गई है। मथुरा में गंगा दशहरा का पर्व दो दिन मनाया जा रहा हैं। कई लोगों ने जहां गुरुवार को गंगा दशहरा पर्व मनाया वहीं बड़ी संख्या में लोग शुक्रवार को गंगा दशहरा का पर्व मना रहे हैं। सुबह से ही मथुरा के प्रसिद्ध विश्राम घाट,स्वामी घाट,बंगाली घाट के अलावा वृंदावन के बिहार घाट,जुगल घाट, चीर घाट,केशी घाट सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु यमुना स्नान के लिए पहुंचने लगे। गंगा दशहरा पर्व पर पवित्र नदी में स्नान और दान का महत्व है। श्रद्धालु यमुना स्नान करने के बाद दान कर पुण्य कमाते हैं। श्रद्धालु गंगा दशहरा पर्व पर तरबूज,खरबूज, आम के अलावा शीतल पानी की प्याऊ लगाते हैं। इसके साथ ही श्रद्धालु मंदिरों में जाकर अपने आराध्य के दर्शन भी कर रहे हैं।
मेयर , नगर आयुक्त ने देखी व्यवस्था
गंगा दशहरा पर्व पर नगर निगम के मेयर मुकेश आर्य बंधु और नगर आयुक्त अनुनय झा ने यमुना स्नान के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा। मेयर और नगर आयुक्त ने स्टीमर के जरिए व्यवस्थाओं को परखा। स्टीमर से मेयर,नगर आयुक्त ने बंगाली घाट से स्वामी घाट तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेयर और नगर आयुक्त ने बताया कि गंगा दशहरा के पर्व पर चार कंट्रोल रूम बनाए हैं। इसके अलावा 20 गोताखोर,20 नाव व 1 स्टीमर लगाया है। 32 कर्मचारियों की अलग अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। घाटों के आसपास लाइट की भी व्यवस्था की गई है इसके अलावा साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
पतंगबाजी का लुत्फ उठा रहे युवा और बच्चे, एक दूसरे को देखकर पतंगबाजों ने अपना अपना शौक किया पूरा
गंगा दशहरा पर्व पर ब्रज में पतंग उड़ाने की परंपरा है। यहां शुक्रवार गुरुवार सुबह से ही युवा और बच्चे पतंगबाजी कर रहे हैं। बाजारों में पतंग लेने के लिए दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। हालांकि पतंगबाजी पर गर्मी का असर भी देखने को मिल रहा है। जिसके चलते सुबह और शाम आसमान में पतंगें छाई रही।
शुक्रवार को दशहरा पर सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र पतंग रहीं। गुरुवार की शाम और शुक्रवार की भोर से ही पतंगबाजों पतंग उड़ानी शुरू कर दीं। शुक्रवार सुबह आंख खुली तो आसमान पर उड़ रही पतंगों को देख मन प्रफुल्लित हो गया। सबसे अधिक उत्साह युवाओं में दिख रहा था। विभिन्न रंगों की पतंगें उड़ते देख बच्चे भी खुश हो रहे थे। दुकानों पर भी पतंगों की बिक्री सुबह से ही बढ़ गई थी। पतंगबाजों का कहना है कि आसमान में उड़ती पतंग और हाथों में उसकी डोर मन को रोमांचित कर देती है। एक दूसरे को देखकर उत्साह आता है और चरखी और पतंग लेकर हर कोई अपनी अपनी छतों पर दिखाई रहा है।
महेश
