Friday, April 10, 2026
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देश से कांग्रेस का वजूद लगभग खत्म हो चुका है :स्वतंत्र देव

– देवरिया के टाउनहाल सभागार में मनी डॉ. मुखर्जी की जयंती

– डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी-व्यक्तित्व एवं कृतित्व पुस्तिका का विमेाचन

-महान बनना सिखाता है श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन

देवरिया ( हि . स . )। देवरिया देवभूमि है,यहां के कार्यकर्ता भी महान तपस्वी हैं। पूज्य देवरहवा बाबा के तप की पुण्य भूमि ,अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की जन्मस्थली ,रामायण-महाभारत की साक्षी वसुधा देवरिया की पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं।उक्त बातें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 121 वीं जयन्ती पर भाजपा देवरिया द्वारा टाउन हाल सभागार में “डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी-व्यक्तित्व एवं कृतित्व”पुस्तिका के विमोचन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही ।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज मैं एक ऐसे व्यक्तित्व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म जयन्ती के अवसर पर देवरिया आया हूं जिसके जीवन से हमें पता चलता है कि व्यक्ति कैसे महान होता है और महान की यात्रा कैसे शुरू होती है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पहचान ऐसी थी कि उन्होंने कुलपति बनने के बाद पहली बार दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करने के लिए समाज के व्यक्ति गुरुदेव रविन्द्र नाथ टैगोर को बुलाया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कार्यकर्ताओं से हमेशा कहना था कि सेवा और बलिदान से ही राष्ट्र को मजबूत किया जा सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनसंघ के बढ़ते राष्ट्रवादी विचारधारा से घबराकर एक बार नेहरू ने कहा कि मैं जनसंघ को कुचल दूंगा तो मुखर्जी ने कहा था कि मैं अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत,त्याग,तपस्या,सेवा और बलिदान से नेहरू के देश विरोधी विचारों को कुचल दूंगा । 3 सांसदों वाली पार्टी आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 300 सांसदों वाली पार्टी बनकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस कथन को सत्य कर रही है।आज देश से कांग्रेस का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है।

श्री सिंह ने कहा कि एक देश में दो विधान दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे के नारे को लेकर संघर्ष करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हमेशा अपनी विचारधारा को प्राथमिकता दी,इसके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने कहा कि आज बंगाल और पंजाब भारत के हिस्से हैं तो यह उन्हीं की देन है।सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के शिल्पी डॉ. मुखर्जी यह मानते थे कि विकास में जनभागीदारी के बिना कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता है।डॉ. मुखर्जी ने सत्ता की लालसा को नहीं बल्कि राष्ट्र के पुनर्निर्माण को लेकर अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों से प्राप्त मार्गदर्शन से हमने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व लगाया है और हम उनमें सफल हुए हैं।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व देवरिया के सांसद डाॅ. रमापतिराम त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जन्म से कुशाग्र बुद्धि के थे।डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा और शिक्षण दोनों में हमेशा श्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया ।उन्होंने अपना पूरा जीवन बिना किसी स्वार्थ के राष्ट्र को समर्पित कर दिया था।

कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी असाधारण प्रतिभा के धनी थे।मात्र 31 वर्ष की उम्र में कलकत्ता विश्वविद्यालय के वे ऐसे कुलपति थे जिसके पिता और पुत्र दोनों कुलपति बने थे,इस आप अनुमान लगा सकते हैं कि वे किस स्तर के विद्वान व्यक्ति थे।

राष्ट्रवादी विचारधारा से हमेशा ओतप्रोत रहने वाले डॉ. मुखर्जी ने पूरे जीवन राष्ट्रवाद की विचारधारा को लोगों में जगाने का काम किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा डॉ. धर्मेन्द्र सिंह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। पुस्तिका विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह ने तथा संचालन जिलामहामंत्री प्रमोद शाही ने किया।

कार्यक्रम में जिलापंचायत अध्यक्ष गिरीश तिवारी,पूर्व मंत्री व विधायक जयप्रकाश निषाद,विधायक दीपक मिश्रा शाका,विधायक सुरेन्द्र चौरसिया,एमएलसी डॉ. रतनपाल सिंह,विधायक शलभ मणि त्रिपाठी,जिलाप्रभारी सुनील गुप्ता,नपाध्यक्ष अलका सिंह,पूर्व एमएलसी महेन्द्र यादव,विजय कुमार दूबे, मारकंडेय शाही, शिवकुमार राजभर,राजेन्द्र मल्ल,राजेश मिश्रा, अम्बिकेश पाण्डेय,तेजबहादुर पालआदि उपस्थित रहे।

ज्योति

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