—विश्व डाक दिवस पर राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन 16 अक्टूबर तक
वाराणसी, 08 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व डाक दिवस पर शनिवार से भारतीय विभाग विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर डाक सप्ताह का आयोजन किया है। डाक सप्ताह में वाराणसी परिक्षेत्र के विभिन्न डाक मंडलों में भी ‘विश्व डाक दिवस’ और तदनंतर 09 से 16 अक्टूबर तक ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 09 अक्टूबर को ‘विश्व डाक दिवस’, 11 अक्टूबर को बैंकिंग दिवस, 12 अक्टूबर को डाक जीवन बीमा दिवस, 13 अक्टूबर को फिलेटली दिवस, 14 अक्टूबर को व्यवसाय विकास दिवस और 16 अक्टूबर को मेल दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
शुक्रवार को ये जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के सम्बंध में भी लोगों को जागरूक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है। जो देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से बाहर अन्य देशों तक पहुँचने में भी हमारी मदद करता है।
—इसलिए मनाया जाता है विश्व डाक दिवस
09 अक्टूबर को “अंतरराष्ट्रीय डाक दिवस” मनाने के पीछे ‘एक विश्व-एक डाक प्रणाली’ की अवधारणा को साकार करना है। पोस्टमास्टर जनरल बताते हैं कि 09 अक्टूबर, 1874 को ‘यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन’ की स्थापना स्विटजरलैण्ड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस स्थापना दिवस को ‘विश्व डाक दिवस’ के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया। तब से पूरी दुनिया में इस दिन को प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि ’आजादी के अमृत महोत्सव’ के परिप्रेक्ष्य में इस दौरान सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा, वहीं उत्कृष्टता हेतु डाक कर्मियों का सम्मान, कस्टमर मीट, डाक सेवाओं की कार्य-प्रणाली को समझने हेतु स्कूली बच्चों द्वारा डाकघरों का भ्रमण, माई स्टैम्प, पेंटिंग व क्विज प्रतियोगिता, बचत बैंक, सुकन्या समृद्धि योजना, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व डाक जीवन बीमा मेला, आधार कैम्प इत्यादि तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
–वाराणसी में डाक सेवाएं
पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने बताया कि वाराणसी में डाक सेवाओं का पुराना इतिहास रहा है। आजादी के पहले से ही डाक सेवाओं ने यहां के सामाजिक आर्थिक परिवेश को प्रभावित किया है। वाराणसी डाक क्षेत्र के अधीन वाराणसी पूर्वी, वाराणसी पश्चिमी, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया डाक मंडल अवस्थित हैं। वाराणसी में डाक सेवाओं की महत्ता के मद्देनजर ही 2016 में यहां पोस्टमास्टर जनरल का पद सृजित किया गया। उससे पहले यहां का डाक प्रशासन पोस्टमास्टर जनरल, इलाहाबाद परिक्षेत्र के अधीन था। उन्होंने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 1699 डाकघर हैं, जिनमें से 6 मंडलों के अधीन कुल 6 प्रधान डाकघर, 268 उपडाकघर और 1425 शाखा डाकघर हैं। अकेले वाराणसी जनपद में कुल 252 डाकघर हैं।
—विश्व डाक दिवस पर राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन 16 अक्टूबर तक
वाराणसी (हि.स.)। विश्व डाक दिवस पर शनिवार से भारतीय विभाग विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर डाक सप्ताह का आयोजन किया है। डाक सप्ताह में वाराणसी परिक्षेत्र के विभिन्न डाक मंडलों में भी ‘विश्व डाक दिवस’ और तदनंतर 09 से 16 अक्टूबर तक ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 09 अक्टूबर को ‘विश्व डाक दिवस’, 11 अक्टूबर को बैंकिंग दिवस, 12 अक्टूबर को डाक जीवन बीमा दिवस, 13 अक्टूबर को फिलेटली दिवस, 14 अक्टूबर को व्यवसाय विकास दिवस और 16 अक्टूबर को मेल दिवस के रूप में मनाया जायेगा।
शुक्रवार को ये जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के सम्बंध में भी लोगों को जागरूक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विभाग देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है। जो देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा संगठन है जो न केवल देश के भीतर बल्कि देश की सीमाओं से बाहर अन्य देशों तक पहुँचने में भी हमारी मदद करता है।
—इसलिए मनाया जाता है विश्व डाक दिवस
09 अक्टूबर को “अंतरराष्ट्रीय डाक दिवस” मनाने के पीछे ‘एक विश्व-एक डाक प्रणाली’ की अवधारणा को साकार करना है। पोस्टमास्टर जनरल बताते हैं कि 09 अक्टूबर, 1874 को ‘यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन’ की स्थापना स्विटजरलैण्ड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस स्थापना दिवस को ‘विश्व डाक दिवस’ के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया। तब से पूरी दुनिया में इस दिन को प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि ’आजादी के अमृत महोत्सव’ के परिप्रेक्ष्य में इस दौरान सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं राजस्व अर्जन में वृद्धि पर जोर दिया जायेगा, वहीं उत्कृष्टता हेतु डाक कर्मियों का सम्मान, कस्टमर मीट, डाक सेवाओं की कार्य-प्रणाली को समझने हेतु स्कूली बच्चों द्वारा डाकघरों का भ्रमण, माई स्टैम्प, पेंटिंग व क्विज प्रतियोगिता, बचत बैंक, सुकन्या समृद्धि योजना, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व डाक जीवन बीमा मेला, आधार कैम्प इत्यादि तमाम कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
–वाराणसी में डाक सेवाएं
पोस्टमास्टर जनरल श्री यादव ने बताया कि वाराणसी में डाक सेवाओं का पुराना इतिहास रहा है। आजादी के पहले से ही डाक सेवाओं ने यहां के सामाजिक आर्थिक परिवेश को प्रभावित किया है। वाराणसी डाक क्षेत्र के अधीन वाराणसी पूर्वी, वाराणसी पश्चिमी, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया डाक मंडल अवस्थित हैं। वाराणसी में डाक सेवाओं की महत्ता के मद्देनजर ही 2016 में यहां पोस्टमास्टर जनरल का पद सृजित किया गया। उससे पहले यहां का डाक प्रशासन पोस्टमास्टर जनरल, इलाहाबाद परिक्षेत्र के अधीन था। उन्होंने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में कुल 1699 डाकघर हैं, जिनमें से 6 मंडलों के अधीन कुल 6 प्रधान डाकघर, 268 उपडाकघर और 1425 शाखा डाकघर हैं। अकेले वाराणसी जनपद में कुल 252 डाकघर हैं।
