प्रयागराज (हि.स.)। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को बजट पेश कर दिया। बजट में जहां सरकार का फोकस स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिफॉर्म के माध्यम से देश की चरमरायी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास किया गया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने इसे सबसे खराब बजट बताया है।
केन्द्रीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं उ.प्र के प्रभारी प्रमोद तिवारी ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया बजट देश का अब तक का सबसे निराशाजनक और खतरनाक बजट है। भारतीय जीवन बीमा निगम, जो आम भारतीय के विश्वास का प्रतीक था उसमें 74 प्रतिशत के विदेशी विनिवेश की मंजूरी घातक है।
उन्होंने कहा कि मोदी जी कहा करते थे कि देश नहीं बिकने दूंगा, और आज उन्होंने सबसे बड़ी विश्वसनीय संस्था में विदेशी विनिवेश की मंजूरी दे दी है। इसी प्रकार सौ सैनिक स्कूलों की स्थापना में प्राइवेट पार्टनर-निजी भागीदारी और उसमे भी प्राथमिकता उन एनजीओ को, जिन्हें ऐसे संगठनों को चलाने का अनुभव नहीं है देने का निर्णय भारतीय सेना की नर्सरी के लिए खतरनाक शुरूआत भरा कदम है।
श्री तिवारी ने आगे कहा कि किसानों का कर्ज न माफ करना, टैक्स के स्लैब न बढ़ाना, आम आदमी को 7500 रू. ‘न्याय योजना’ के अंतर्गत न देने से क्रय शक्ति घटेगी और इससे मांग कम होगी। जब मांग कम होगी तो उत्पादन घटेगा और जब उत्पादन घटेगा तो रोजगार कम होगा, यही इस बजट का सबसे निराशाजनक कदम है।
वहीं लोक निर्माण विभाग, कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री रवि शंकर मिश्र का कहना है कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन न कर सरकार ने अपने को बता दिया कि वह कर्मचारी विरोधी है। जहां कर्मचारियों को कोविड 19 में सरकार से अपेक्षा थी कि टैक्स स्लैब दस लाख रूपये होगा, वहीं पर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की मांग पूरी होगी। लेकिन सरकार ने कर्मचारियों का ख्याल नहीं किया। जिससे कर्मचारी वर्ग मायूस हुआ है।
देश का अब तक का सबसे निराशाजनक और खतरनाक बजट : प्रमोद तिवारी
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