देवरिया (हि.स.)। फर्जी प्रमाण पत्र और फर्जी अनुमोदन पत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी करने वाले शिक्षक, कर्मचारी और दलाल के विरुद्ध कोतवाली में दर्ज मुकदमे की जांच 15 सदस्य एसआईटी टीम करेगी।
सिद्धार्थनगर जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नारायण मौर्य ने देवरिया बीएसए कार्यालय के वित्त व लेखाधिकारी को पत्र भेज कर जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त पूर्व माध्यमिक विद्यालयोंं में अनियमित एवं फर्जी रुप से नियुक्त कार्यरत शिक्षकों के भुगतान को रोकने का निर्देश दिया। मौर्य पूर्व में बेसिक शिक्षाधिकारी के पद पर तैनात रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों ने दलाल और लेखाधिकारी की मिलीभगत से चार शिक्षकों की अलग- अलग विद्यालयों में तैनाती किया गया था।
पूर्व बीएसए मौर्य द्वारा अनुमोदन पत्र को संलग्न किया गया था। शिकायत डीआईओएस सिद्धार्थनगर ने एसटीएफ गोरखपुर से किया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए
एसटीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह के द्वारा बीएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव, दिलीप कुमार उपाध्याय, राघवेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, विमल कुमार शुक्ला, ब्रजेन्द्र सिंह, अजित उपाध्याय, राजकुमार मणि, ओमप्रकाश मिश्रा, जनार्दन उपाध्याय, विनय कुमार, कुमारी अंजना, सुरेन्द्र यादव, जगदीश यादव, कुमारी विमला यादव, नीतू रस्तोगी, श्वेता मिश्रा, संजय कुमार आर्य और रंजना कुमारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। तीन शिक्षक समेत पांच लोगों को जेल भेज दिया।
एडीजी ने गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में 15 सदस्यी एस आईटी का गठन किया।
