डबल इंजन की सरकार में हो रहा यूपी का तिरस्कार
लखनऊ(हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा कि ऐसे समय में जब रोजगार के अवसर को बढ़ाकर, बेरोजगारी और आत्महत्याओं को कम करने के लिए राज्य सरकारों के भी जबरदस्त स्पर्धा और गहमगहमी चल रही है तो वहीं उत्तर प्रदेश सरकार बुलडोजर, मदरसा सर्वे और मंदिर-मस्जिद आदि जैसे धार्मिक उन्माद और तनाव वालें मुद्दो में ही उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि एक लाख सफेद कॉल नौकरियां देने वाली वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर व चिप बनाने वाली यूनिट लगाने की तमाम तैयारियों के बावजूद उसके अचानक ही महाराष्ट्र से गुजरात चले जाने पर भाजपा शासित राज्यों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी हैं। ऐसी दो और फैक्ट्री लगाने की दिलासा देकर मामले को शांत करने का प्रयास हो रहा है।
मायावती ने कहा कि फिर ऐसे कथित डबल इंजन की भाजपा सरकार होने का लाभ यूपी सरकार को क्यों नहीं ले पा रही है। कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हुए विशाल आबादी वाले राज्य होने के कारण देसी व विदेशी पूंजी निवेश व विकास आदि का जो लाभ स्वाभाविक तौर पर मिलना चाहिए, लेकिन डबल इंजन की सरकार में यह नहीं हो पा रहा है।
बसपा सुप्रीमों ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो यूपी की घोर उपेक्षा हुई, अब जब भाजपा सरकार है तो वैसा ही यूपी का तिरस्कार जारी है। 30 करोड़ की आबादी वाला यूपी राज्य का बहुप्रतीक्षित सुमचित व समग्र विकास तभी संभव है जब यूपी की वर्तमान सरकार भी अपनी संक्रीण, द्वेषपूर्ण नफरती राजनीति करने की अपनी नीयत, नीति और कार्यशैली को त्याग दे। सरकार को चाहिए कि वह दलितों अति पिछड़ों के साथ-साथ मुस्लिमों के उत्पीड़न, उनके मदरसों तथा अन्य और भी धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप आदि के गैर जरूरी विवादों में न उलझकर यहां अमन-चैैन के जीवन के लिए पूरा ध्यान कानून के सही राज व समतामूलक विकास की ओर केंद्रित करें।
दीपक
