बलिया (हि. स.)। दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर भोजपुरी में कार्यक्रम प्रसारण शुरू होने से पूर्वांचल में खुशी की लहर है। भोजपुरी कलाकार और रंगकर्मियों ने इसका दिल खोलकर स्वागत किया है। भोजपुरी कलाकारों का मानना है कि इससे भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने में मदद मिलेगी। दुनिया में भोजपुरी का सम्मान भी बढ़ेगा।
केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा शुक्रवार को भोजपुरी में बोलकर दूरदर्शन उत्तर प्रदेश से भोजपुरी प्रसारण की जानकारी दिए जाने के बाद से ही बलिया में उत्साह है। शनिवार दोपहर 11 बजे से आधे घंटे के प्रसारण के साथ ही भोजपुरी को लेकर एक युग की शुरुआत होने पर जिले के लोगों में उत्साह है।
दो दशक से भोजपुरी लोकगायन में अश्लीलता के विरूद्ध झंडा बुलंद करने वाले मशहूर गायक गोपाल राय ने कहा कि मुझे यह जानकर अत्यंत खुशी हुई कि उत्तर प्रदेश दूरदर्शन से भोजपुरी में कार्यक्रमों का प्रसारण प्रारंभ हो रहा है। इससे न सिर्फ बलिया समेत यूपी के पूर्वांचल और बिहार के दस-बारह करोड़ भोजपुरी भाषियों, बल्कि लगभग पच्चीस करोड़ भोजपुरी परिवार लाभान्वित होगा।
गोपाल ने कहा कि यह भोजपुरी को उसका हक यानी आठवीं अनुसूची में शामिल करने का शुभ संकेत भी है। इसमें शामिल करने को लेकर सरकार मजबूर होगी। धीरे-धीरे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिमाग में भी भोजपुरी को उसका वाजिब अधिकार दिलाने की बात जाएगी। कहा कि अब भोजपुरी का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ेगा।
प्रख्यात रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी भी दूरदर्शन पर भोजपुरी में कार्यक्रम प्रसारित किए जाने से काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि यह अच्छी खबर है। बिदेसिया और गबर घिचोर जैसे कालजयी भोजपुरी नाटकों का मंचन करने वाले आशीष बताते हैं कि रेडियो और दूरदर्शन लोगों तक पहुंचने के सशक्त माध्यम हैं। भोजपुरी में कही गई बात पूर्वांचल के लोगों तक आसानी से पहुंचेगी। कहाकि हम भी इससे जुड़ना चाहेंगे। अवसर मिला तो भोजपुरी कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी देंगे।
आशीष ने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा लायी गई नई शिक्षा नीति में भी बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देने पर जोर दिया गया है। बोले, मातृभाषा में संवेदनाओं को समझने में सहजता होती है। सरकार का यह निर्णय प्रशंसा के काबिल है।
पंकज
